लैक्मे फैशन वीक 2026: अली फज़ल ने भारतीय परंपरा और आधुनिक अंदाज का किया संगम

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 16-10-2026
Lakmé Fashion Week 2026: Ali Fazal, as the showstopper, brings together Indian tradition and modern style.
Lakmé Fashion Week 2026: Ali Fazal, as the showstopper, brings together Indian tradition and modern style.

 

नई दिल्ली

बॉलीवुड अभिनेता अली फज़ल ने लैक्मे फैशन वीक 2026 में मशहूर फैशन डिजाइनर तरुण तहिलियानी के ब्रांड तसवा के लिए शोस्टॉपर बनकर भारतीय परंपरा और आधुनिक फैशन का शानदार संगम पेश किया। नई दिल्ली के ताज पैलेस में गुरुवार को आयोजित इस फैशन शो में तरुण तहिलियानी ने अपना नवीनतम पुरुष परिधान कलेक्शन प्रदर्शित किया।

इस कलेक्शन में भारतीय शिल्पकला, पारंपरिक कारीगरी और समकालीन फैशन को खूबसूरती से एक साथ पिरोया गया। खास तौर पर भारतीय शादियों और उनसे जुड़े विभिन्न समारोहों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इन परिधानों में व्यक्तिगत पसंद, आधुनिकता और पारंपरिक सौंदर्य को प्रमुखता दी गई।

प्रेस नोट के मुताबिक, कलेक्शन की प्रेरणा ट्री ऑफ लाइफ यानी जीवन वृक्ष, लिप्पन कला की बारीक कारीगरी, पैस्ले की लहरदार आकृतियों और प्रकाश की कलात्मक अभिव्यक्ति से ली गई थी। इन विविध प्रेरणाओं ने परिधानों को एक विशिष्ट पहचान दी।

आइवरी अंगरखे में अली फज़ल का आकर्षक अंदाज

शोस्टॉपर के रूप में रैंप पर उतरे अली फज़ल ने अपने सहज व्यक्तित्व और आकर्षक अंदाज से दर्शकों का ध्यान खींचा। उन्होंने आइवरी रंग का अंगरखा पहना था, जिसके ऊपर बंदगला और कढ़ाईदार स्टोल उनके लुक को खास बना रहे थे।

शो के समापन पर अली फज़ल, तरुण तहिलियानी और अन्य मॉडल एक साथ रैंप पर आए। इस दौरान नृत्य के साथ कलेक्शन का समापन किया गया। तसवा की टीम भी इस जश्न में शामिल हुई। पूरे आयोजन ने पारंपरिक भारतीय परिधानों को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत करने की ब्रांड की सोच को रेखांकित किया।

शो के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अली फज़ल ने डिजाइनर के परिधान पहनने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने पोशाक के विभिन्न तत्वों के संयोजन की सराहना करते हुए कहा, “मुझे यह बेहद पसंद है। मैं बहुत खुश हूं कि मुझे इसे पहनने का मौका मिला। यह एक खूबसूरत संयोजन है।”

पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक डिजाइन का मेल

तसवा के इस कलेक्शन में भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को विशेष स्थान दिया गया। परिधानों को आकर्षक बनाने के लिए आरी वर्क, जरदोजी और शीशे के काम जैसी पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, एप्लीक वर्क, मोतियों की सजावट और त्रिआयामी डिजाइन के बारीक तत्वों ने कपड़ों में नई बनावट और गहराई जोड़ी।

डिजाइन की खासियत यह रही कि पारंपरिक हाथ की कढ़ाई और आधुनिक सिल्हूट को संतुलित तरीके से एक साथ पेश किया गया। बारीक कारीगरी, साफ-सुथरी कटिंग और समकालीन डिजाइन ने इन परिधानों को आधुनिक भारतीय पुरुषों के लिए खास बनाया।

परंपरा के साथ व्यक्तिगत शैली को भी महत्व

तरुण तहिलियानी के डिजाइन वाले तसवा के इस कलेक्शन ने आधुनिक भारतीय पुरुष परिधानों के लिए एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इसमें यह दिखाने की कोशिश की गई कि परंपरा और नवाचार एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

यह कलेक्शन भारतीय कारीगरों की कला, व्यक्तिगत पहचान और विशेष अवसरों पर पहनावे को नए तरीके से अपनाने की स्वतंत्रता का उत्सव भी रहा। इसके जरिए यह संदेश दिया गया कि आधुनिक भारतीय फैशन की असली खूबसूरती अपनी सांस्कृतिक जड़ों का सम्मान करते हुए अपनी पसंद और व्यक्तित्व के अनुरूप शैली विकसित करने में है।