नई दिल्ली
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार Vijay अब राजनीति में भी बड़ा नाम बन चुके हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के महज 48 घंटे के भीतर ही उन्होंने ऐसे फैसले लेने शुरू कर दिए हैं, जिनकी पूरे राज्य में चर्चा हो रही है। खास तौर पर शराब की दुकानों को बंद करने के उनके फैसले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छेड़ दी है। इस कदम की दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता Kamal Haasan ने खुलकर प्रशंसा की है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने राज्य में 717 सरकारी शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। नए नियमों के तहत किसी भी धार्मिक स्थल या शैक्षणिक संस्थान से 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकान संचालित नहीं की जा सकेगी। इसे विजय के चुनावी वादे “नशामुक्त तमिलनाडु” की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह कदम सामाजिक सुधार और जनस्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जबकि कुछ लोग इसे राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर डालने वाला निर्णय मान रहे हैं।
Kamal Haasan ने विजय को बधाई देते हुए कहा कि तमिल परिवार लंबे समय से ऐसे फैसले की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने कहा, “विजय ने मुख्यमंत्री पद संभालने के तुरंत बाद जो फैसला लिया है, वह बेहद साहसिक और सकारात्मक है। सरकार का काम शराब बेचना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देना होना चाहिए।”
कमल हासन ने आगे कहा कि शराब की बिक्री पर नियंत्रण सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है और तमिलनाडु सरकार को इस दिशा में आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “717 दुकानों को बंद करना केवल शुरुआत है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी और समाज को इसका सकारात्मक लाभ मिलेगा।”
तमिलनाडु में इस समय सरकारी एजेंसियों के अधीन लगभग 4,765 शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें से 276 दुकानें धार्मिक स्थलों के पास और 186 दुकानें शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित बताई जा रही हैं। सरकार ने इन्हें प्राथमिकता के आधार पर बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हालांकि इस फैसले का आर्थिक पक्ष भी काफी बड़ा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु सरकार को शराब बिक्री से लगभग 48,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इतनी बड़ी आय में संभावित कमी के बावजूद विजय सरकार ने यह कदम उठाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शराब की उपलब्धता कम होने से सामाजिक अपराध, घरेलू हिंसा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आ सकती है। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल यह सवाल भी उठा रहे हैं कि राजस्व में होने वाली कमी की भरपाई सरकार कैसे करेगी।
Vijay लंबे समय से सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं और राजनीति में आने के बाद उन्होंने खुद को “जनता के नेता” के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री बनने के बाद लिया गया यह फैसला उनके राजनीतिक एजेंडे की स्पष्ट झलक माना जा रहा है।
कमल हासन की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को और अधिक चर्चा में ला दिया है। दक्षिण भारतीय राजनीति और सिनेमा में दोनों सितारों का बड़ा प्रभाव है, इसलिए विजय के इस कदम को केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है।