भारत-ऑस्ट्रेलिया सांस्कृतिक रिश्तों पर ‘सेक्रेड पाथवेज़’ टूर

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 05-10-2026
India-Australia cultural ties to be celebrated through 4-city concert tour ‘Sacred Pathways’
India-Australia cultural ties to be celebrated through 4-city concert tour ‘Sacred Pathways’

 

नई दिल्ली
 
ऑस्ट्रेलियाई सरकार, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर, 'सेक्रेड पाथवेज़: वेयर रागाज़ मीट सॉन्गलाइन्स' (Sacred Pathways: Where Ragas Meet Songlines) पेश करने जा रही है। यह चार शहरों में होने वाला एक खास कॉन्सर्ट टूर है, जो ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच गहरे और लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों का जश्न मनाता है। 
 
इन प्रस्तुतियों में तबला वादक और परकशनिस्ट निशित गंगानी भी शामिल होंगे, जिनकी कलाकारी इस सहयोग के लिए एक शानदार लयबद्ध आधार तैयार करेगी। ये कलाकार मिलकर दुनिया की दो सबसे पुरानी और लगातार चली आ रही सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने वाला एक संगीतमय संवाद रचेंगे। वे दर्शकों को एक ऐसा अनोखा कलात्मक अनुभव देंगे जो सीमाओं, भाषाओं और पीढ़ियों से परे होगा।
 
इस सहयोग के केंद्र में दो खास वाद्ययंत्र हैं: डिजेरिडू, जो दुनिया के सबसे पुराने विंड इंस्ट्रूमेंट्स (फूँककर बजाए जाने वाले वाद्ययंत्र) में से एक है, और सितार, जो भारत की शास्त्रीय संगीत विरासत का एक अहम प्रतीक है। अपनी मौलिक रचनाओं और मिलकर की जाने वाली प्रस्तुतियों के ज़रिए, बार्टन और राव उन परंपराओं को एक साथ पिरोएंगे जिन्होंने सदियों से सांस्कृतिक पहचान, कहानी कहने की कला और आध्यात्मिक जुड़ाव को आकार दिया है।
 
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने कहा कि यह कॉन्सर्ट सीरीज़ ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों की असाधारण गहराई और लोगों को एक साथ लाने में संस्कृति की ताकत को दर्शाती है। "सेक्रेड पाथवेज़ दिखाता है कि जब दो प्राचीन परंपराएँ जिज्ञासा, सम्मान और रचनात्मकता की भावना के साथ मिलती हैं, तो क्या कुछ संभव हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया और भारत दुनिया की कुछ सबसे पुरानी और लगातार चली आ रही संस्कृतियों के संरक्षक हैं। विलियम बार्टन और पंडित शुभेंद्र राव की कलाकारी के ज़रिए, दर्शक एक ऐसे संगीतमय संवाद का अनुभव करेंगे जो हमारी सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि का सम्मान करता है और साथ ही कुछ बिल्कुल नया रचता है।"
 
"जैसे-जैसे ऑस्ट्रेलिया और भारत व्यापार, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और गहरा कर रहे हैं, सांस्कृतिक संबंध हमारे रिश्ते के केंद्र में बने हुए हैं। 'सेक्रेड पाथवेज़' जैसी पहल हमारे लोगों के बीच समझ बढ़ाने और हमारे विविध समाजों की समृद्धि का जश्न मनाने में मदद करती हैं।" उन्होंने कहा, "मैं भारत के कुछ सबसे अहम सांस्कृतिक स्थलों पर इन शानदार प्रस्तुतियों को संभव बनाने में साझेदारी और सहयोग के लिए भारत के संस्कृति मंत्रालय का धन्यवाद करता हूँ।"
 
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा, "संस्कृति मंत्रालय को पंडित शुभेंद्र राव और विलियम बार्टन के बीच इस असाधारण सहयोग का समर्थन करने पर गर्व है। जैसे-जैसे भारत और ऑस्ट्रेलिया अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा कर रहे हैं, 'सेक्रेड पाथवेज़' (Sacred Pathways) जैसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान लोगों के बीच संबंध मजबूत करने और सांस्कृतिक सीख व सराहना के लिए सार्थक अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
 
13 से 23 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला यह दौरा 'जी-डे नमस्ते' (G'day Namaste) के लिए एक शुरुआती कार्यक्रम (कर्टन रेज़र) के तौर पर काम करेगा। 'जी-डे नमस्ते' ऑस्ट्रेलियाई सरकार का एक प्रमुख फेस्टिवल है जो व्यापार, शिक्षा, खेल, इनोवेशन और संस्कृति के क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों की गहराई का जश्न मनाता है।
दिसंबर 2026 में होने वाले इस फेस्टिवल की घोषणा ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने जुलाई 2026 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान की थी।
 
कॉन्सर्ट टूर की शुरुआत बुधवार, 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में होगी, जिसके बाद शुक्रवार, 16 अक्टूबर को बेंगलुरु में प्रस्तुति होगी। इसके बाद यह टूर रविवार, 18 अक्टूबर को चेन्नई जाएगा और बुधवार, 21 अक्टूबर को मुंबई में इसका समापन होगा। ये कॉन्सर्ट नई दिल्ली में पुराना किला एम्फीथिएटर, बेंगलुरु में NGMA, चेन्नई में कलाक्षेत्र और मुंबई में रॉयल ओपेरा हाउस में आयोजित किए जाएंगे। भारत में परफॉर्म करने को लेकर उत्साहित विलियम बार्टन ने कहा, "इतने सालों बाद भारत लौटने और उन बेहतरीन म्यूज़िशियन्स के साथ दोबारा जुड़ने को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूँ, जिनके साथ मैं स्टेज शेयर करूँगा। अलग-अलग कम्युनिटीज़ के साथ जुड़ना और संस्कृति का जश्न मनाने के महत्व को समझना मेरे जीवन का जुनून है।
 
मैं इस शानदार मौके का इस्तेमाल करके अलग-अलग सांस्कृतिक विरासतों के साथ मिलकर काम करना और नई धुनें बनाना चाहता हूँ; ये विरासतें पेड़ की जड़ों की तरह गहराई तक जुड़ी हुई हैं। मेरा संगीत स्पेस शेयर करने और उस स्पेस को सुनने के बारे में है, ताकि वह संगीत के ज़रिए हमें हमारी ज़िंदगी की कहानियाँ सुना सके। संगीत एक ऐसी भाषा और नज़ारा है जो हमारी यात्राओं को एक साथ लाकर हमें जोड़ता है। मैं इस अनुभव को जुड़ने के एक ज़रिया मानता हूँ, क्योंकि संगीत की भाषाएँ हमारी भीतरी भावना के ज़रिए हमें एक करती हैं।"
 
पंडित शुभेंद्र राव ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया के शानदार आर्टिस्ट, कई तरह के म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट बजाने वाले और कंपोज़र विलियम बार्टन के साथ मिलकर काम करना मेरे लिए बहुत खुशी और सम्मान की बात है। भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी परंपराओं के बीच यह मेल-जोल दोनों संस्कृतियों के बीच एक कलात्मक पुल का काम करता है। यह सह