ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
भारतीय सिनेमा के लिए गर्व और इतिहास रचने वाला क्षण उस समय आया जब मणिपुरी भाषा की फिल्म बूंग ने 2026 के British Academy Film Awards (BAFTA अवॉर्ड्स) में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का पुरस्कार अपने नाम कर लिया। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि इस कैटेगरी में किसी भारतीय फिल्म की यह पहली विजय है। फरहान अख्तर समर्थित इस फिल्म ने हॉलीवुड की बड़ी और बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने वाली फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
रॉयल फेस्टिवल हॉल में सजा भव्य समारोह
BAFTA अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन 22 फरवरी 2026 को लंदन स्थित Royal Festival Hall में हुआ। समारोह की मेजबानी मशहूर अभिनेता और होस्ट Alan Cumming ने की। चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी का पुरस्कार एक खास अंदाज में मंच पर प्रस्तुत किया गया। लोकप्रिय किरदार Paddington Bear ने अवॉर्ड की घोषणा करते हुए कहा, “मैं पहला भालू हूं जिसने कभी कोई अवॉर्ड प्रस्तुत किया है, और पहला प्रेजेंटर भी, जिसने BAFTA पर मार्मलेड गिराया है।” इस हल्के-फुल्के पल ने समारोह में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया।
फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट का समर्थन
फिल्म को Farhan Akhtar के प्रोडक्शन हाउस Excel Entertainment के बैनर तले समर्थन मिला। फरहान अख्तर अवॉर्ड समारोह में सह-निर्माता Ritesh Sidhwani, Alan McAlex और फिल्म की निर्देशक Lakshmipriya Devi के साथ मौजूद थे।
ऐतिहासिक जीत के बाद फरहान अख्तर ने निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी के साथ अपने करीब दो दशक पुराने रिश्ते को याद किया। उन्होंने कहा,
“लक्ष्मीप्रिया देवी और मैं एक-दूसरे को लगभग 20 साल से जानते हैं। यह फिल्म भारत के एक ऐसे इलाके में सेट है, जहां से हमें बहुत कम फिल्में देखने को मिलती हैं। इसे सपोर्ट करना अच्छा लगा, और यह एक बेहद दिल को छू लेने वाली कहानी है। इसलिए यह बिल्कुल सही फैसला लगा।”
‘बूंग’ की कहानी: मासूमियत और नई शुरुआत
फिल्म ‘बूंग’ मणिपुर की घाटी में रहने वाले एक छोटे लड़के बूंग की भावनात्मक कहानी है। वह अपनी मां को एक खास तोहफा देकर सरप्राइज देना चाहता है। अपनी मासूम सोच में वह मानता है कि अपने पिता को घर वापस लाना ही सबसे बड़ा उपहार होगा।
अपने पिता की तलाश में निकला बूंग एक अप्रत्याशित सफर पर निकल पड़ता है, जहां उसे एक अनएक्सपेक्टेड गिफ्ट मिलता है — एक नई शुरुआत।
फिल्म में Gugun Kipgen और Bala Hijam ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों को दी मात
इस कैटेगरी में ‘बूंग’ का मुकाबला फ्रेंच एनिमेटेड फिल्म Arco, डिज्नी की Lilo & Stitch और Zootopia 2 से था।
खास तौर पर ‘ज़ूटोपिया 2’ ने दुनियाभर में 1 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने के बाद कुल 1.8 बिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की और यह इतिहास की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एनिमेटेड फिल्मों में शामिल हो गई। इसके बावजूद BAFTA जूरी ने जमीनी, भावनात्मक और क्षेत्रीय कहानी ‘बूंग’ को विजेता चुना।
यह जीत इस बात का संकेत है कि वैश्विक मंच पर अब केवल बड़े बजट या बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ही निर्णायक नहीं हैं, बल्कि सशक्त कहानी और भावनात्मक प्रभाव भी अहम भूमिका निभाते हैं।\
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में मिली पहचान
‘बूंग’ का वर्ल्ड प्रीमियर 2024 में Toronto International Film Festival के डिस्कवरी सेक्शन में हुआ था। इसके बाद फिल्म को कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समारोहों में प्रदर्शित किया गया, जिनमें Warsaw International Film Festival, MAMI Mumbai Film Festival, International Film Festival of India और Indian Film Festival of Melbourne शामिल हैं।
इन वैश्विक मंचों पर मिली सराहना ने फिल्म की अंतरराष्ट्रीय यात्रा को मजबूत आधार दिया।
BAFTA 2026 में भारतीय प्रतिनिधित्व
इस वर्ष BAFTA अवॉर्ड्स में भारत की एक और उल्लेखनीय उपस्थिति रही। अभिनेत्री Alia Bhatt ने बेस्ट फिल्म नॉट इन इंग्लिश लैंग्वेज का पुरस्कार प्रस्तुत किया। BAFTA में अपनी पहली उपस्थिति के लिए उन्होंने सिल्वर सीक्विन्ड गाउन और क्रीम रंग के फर स्टोल में शिरकत की।
79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स में उन्होंने अपनी स्पीच की शुरुआत हिंदी में की, जिसे भारतीय प्रशंसकों से खूब सराहना मिली।
क्षेत्रीय भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
‘बूंग’ की यह जीत केवल एक अवॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा, खासकर मणिपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक मील का पत्थर है।
फरहान अख्तर समर्थित इस फिल्म ने साबित कर दिया है कि सशक्त कहानी, सच्ची भावनाएं और जमीनी संवेदनाएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
BAFTA 2026 में ‘बूंग’ की ऐतिहासिक जीत आने वाले समय में भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों के लिए नए रास्ते खोल सकती है और वैश्विक सिनेमा में भारत की उपस्थिति को और मजबूत कर सकती है।