एआर रहमान ने बॉलीवुड की मौजूदा स्थिति पर खुलकर जताई चिंता

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 16-01-2026
AR Rahman openly expressed his concerns about the current state of Bollywood.
AR Rahman openly expressed his concerns about the current state of Bollywood.

 

नई दिल्ली

तीन दशक से भी अधिक समय तक संगीत की दुनिया में अपना योगदान देने वाले ऑस्कर और ग्रैमी विजेता एआर रहमान ने हाल ही में बॉलीवुड और हिंदी सिनेमा की वर्तमान स्थिति पर अपनी खुली राय रखी है। उन्होंने कहा कि अब उद्योग की सत्ता उन लोगों के हाथों में है, जिनका रचनात्मकता से कोई संबंध नहीं है।

रहमान ने हाल ही में एक साक्षात्कार में बताया कि पिछले आठ वर्षों में हिंदी सिनेमा में आमूलचूल बदलाव आया है। उन्होंने कहा, “अब जो लोग वास्तव में रचनात्मक नहीं हैं, उनके पास पूरी शक्ति है। बॉलीवुड में सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता उनके हाथों में है।” उनके अनुसार, संगीतकार और संगीत निर्देशक पहले की तरह स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाते। संगीत लेबल और बड़ी कॉर्पोरेट संस्थाएं अब यह तय करती हैं कि गानों का भविष्य क्या होगा। परिणामस्वरूप, मौलिकता और रचनात्मक स्वतंत्रता धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है।

एआर रहमान ने यह भी कहा कि पिछले आठ वर्षों से उन्हें किसी बड़ी परियोजना में नहीं देखा गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसके पीछे कोई सांप्रदायिक कारण हो सकता है, तो उन्होंने जवाब दिया, “यह संभव है। हालांकि किसी ने मुझे सीधे तौर पर कुछ नहीं बताया है, लेकिन जो मैंने सुना है वह केवल कानाफूसी है।”

उन्होंने अपनी मौजूदा स्थिति पर भी विचार साझा किया। रहमान ने कहा, “मैं अपनी रचनात्मकता का अभ्यास कर रहा हूं। मैं पहले से कहीं अधिक शांत हूं। मैं किसी से काम नहीं मांगता। अब मेरे पास अपने परिवार को देने के लिए बहुत समय है।” उनके शब्दों से यह स्पष्ट होता है कि वह अपने व्यक्तिगत और रचनात्मक जीवन में संतुलन बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

संगीत जगत में उनके योगदान की चर्चा अलग ही है। एआर रहमान ने दशकों तक बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है, लेकिन अब उनका ध्यान केवल अपने परिवार और व्यक्तिगत रचनात्मक प्रोजेक्ट्स पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने काम और रचनात्मक स्वतंत्रता पर गर्व है, और वह इसे जारी रखेंगे।

रहमान के बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या बॉलीवुड में रचनात्मक लोगों की जगह कॉरपोरेट और व्यवसायिक दबदबे ने ले ली है। उनके विचार संगीत उद्योग में मौलिकता, स्वतंत्रता और नवाचार के महत्व को उजागर करते हैं और यह संकेत देते हैं कि कलाकारों की आवाज़ और रचनात्मकता को सम्मान मिलना चाहिए।