नई दिल्ली
बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता अन्नू कपूर अपनी बेबाक राय और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के एक संवेदनशील और कम चर्चा में आने वाले पहलू पर खुलकर बात की है, जिसने नए विवाद को जन्म दे दिया है। अन्नू कपूर ने फिल्मों में शूट होने वाले अंतरंग दृश्यों के दौरान होने वाली कथित समस्याओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
हाल ही में वे सिद्धार्थ कन्नन के यूट्यूब शो में पहुंचे, जहां उन्होंने इंडस्ट्री के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई बार अंतरंग दृश्यों की शूटिंग के दौरान कुछ पुरुष अभिनेता अपना नियंत्रण खो देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे हालात में सह-कलाकार, विशेषकर अभिनेत्रियों को असहजता, शर्मिंदगी और भय का सामना करना पड़ता है।
अन्नू कपूर के अनुसार, कुछ मामलों में निर्देशक द्वारा “कट” कहे जाने के बाद भी अभिनेता तुरंत रुकते नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैंने ऐसे कई मौके देखे हैं जहां कलाकार अंतरंग दृश्यों में इतने खो जाते हैं कि निर्देशक के कट कहने के बाद भी तुरंत बाहर नहीं आते। कुछ लोग जानबूझकर भी ऐसे पलों का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।”
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक शूटिंग के दौरान एक अभिनेता खुद पर काबू नहीं रख पाया और ‘कट’ के बाद भी नहीं रुका। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि संबंधित अभिनेत्री को वहां से भागकर खुद को बचाना पड़ा। अन्नू कपूर ने कहा कि इस घटना के बाद वह अभिनेत्री इतनी घबरा गई थी कि कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकली।
उनके इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग अन्नू कपूर के इस खुलासे को कार्यस्थल की सुरक्षा और पेशेवर नैतिकता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा मान रहे हैं। उनका कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री में भी सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना जरूरी है, खासकर उन दृश्यों के दौरान जहां कलाकारों को भावनात्मक और शारीरिक रूप से संवेदनशील स्थितियों का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, बॉलीवुड जगत इस मुद्दे पर बंटा हुआ नजर आ रहा है। कुछ लोग अन्नू कपूर की हिम्मत और सच्चाई सामने लाने की सराहना कर रहे हैं, तो वहीं कुछ का मानना है कि बिना ठोस प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरंग दृश्यों की शूटिंग के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश, पेशेवर अनुशासन और सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं, ताकि किसी भी कलाकार को असहज स्थिति का सामना न करना पड़े।
यह मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि मनोरंजन उद्योग में भी कार्यस्थल की सुरक्षा और नैतिक मानकों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इंडस्ट्री इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है और क्या कोई ठोस बदलाव देखने को मिलता है।