नई दिल्ली |
लोकप्रिय टीवी शो 'अनुपमा', 'सीआईडी' और 'गंगा' जैसे धारावाहिकों में अपनी दमदार पहचान बनाने वाली अभिनेत्री जसवीर कौर ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे काले अध्याय से पर्दा उठाया है। जसवीर ने बताया कि कैसे 'सीआईडी' के निर्माताओं ने उन्हें जबरन शो से बाहर कर दिया था, जिसके बाद वह सात सालों तक गहरे वित्तीय संकट और मानसिक तनाव से जूझती रहीं।
एक यूट्यूब पॉडकास्ट में दिल खोलकर बात करते हुए 48 वर्षीय जसवीर ने बताया कि उन्होंने लगातार दो साल तक 'सीआईडी' के लिए काम किया। उस दौरान उन्होंने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली थी। इसके बावजूद, उन्हें अचानक ऑफिस बुलाकर शो छोड़ने के लिए कह दिया गया। जसवीर कहती हैं, "मुझे बताया गया कि मेरा व्यवहार ठीक नहीं है और मेरा चलने का तरीका भी गलत है। मुझ पर कई झूठे आरोप लगाए गए। मैं यह सुनकर सुन्न पड़ गई थी क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि यह सब कब और कैसे हुआ।"
जसवीर ने दुख जताते हुए कहा कि जब उन्हें निकाला गया, तो उनके किसी भी साथी कलाकार ने न तो उनसे संपर्क किया और न ही उनके समर्थन में आवाज उठाई। वह पूरी तरह अकेली पड़ गई थीं। अपनी मां को अपनी हालत पर रोते देख वह और भी टूट गईं और अगले तीन महीने तक गहरे डिप्रेशन में रहीं।
अभिनेत्री ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उस दौरान वह 'ब्लैक मैजिक' (काले जादू) का शिकार भी हुई थीं। उन्हें एक ज्योतिष ने बताया था कि उनके बाल काटकर मिट्टी में दबाए गए हैं। आर्थिक तंगी का आलम यह था कि नया घर खरीदने के बाद उनके पास उसकी किस्त (EMI) चुकाने के पैसे नहीं बचे थे। जसवीर ने बताया, "मैं फर्श पर सोती थी। कई बार जेब में सिर्फ 100 रुपये होते थे, जबकि मुझे 800 रुपये तक का टैक्स भरना पड़ता था।"
जसवीर कौर ने 2010 से 2012 तक 'सीआईडी' में 'इंस्पेक्टर काजल' का मशहूर किरदार निभाया था। इस शो में शिवाजी साटम (एसीपी प्रद्युम्न) और दया शेट्टी जैसे बड़े नाम शामिल थे। जसवीर ने अपने करियर की शुरुआत 1998 में फिल्म 'सोल्जर' से की थी और वह 'ताल', 'मोहब्बतें' और 'कहो ना प्यार है' जैसी बड़ी फिल्मों का हिस्सा भी रह चुकी हैं।