हैदराबाद
शैक्षणिक संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन और रुचि का माध्यम नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों से छात्रों में टीमवर्क, आपसी समन्वय, सामाजिक चेतना और विभिन्न संस्कृतियों एवं सामाजिक मूल्यों को समझने की क्षमता विकसित होती है।
ये विचार मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के इस्लामिक स्टडीज विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद हबीब ने विभाग की छात्र संस्था बज्म-ए-तलबा की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘नई उमंग’ में व्यक्त किए।
कार्यक्रम का आयोजन एमए प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले नए विद्यार्थियों के स्वागत और उन्हें नए शैक्षणिक सफर के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर मोहम्मद हबीब ने एमए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का स्वागत किया और उनके नए शैक्षणिक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को विकसित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को टीम के साथ काम करने, आपसी तालमेल विकसित करने और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही वे विभिन्न संस्कृतियों और सामाजिक मूल्यों को करीब से समझ पाते हैं।
बज्म-ए-तलबा के सलाहकार डॉ. मोहम्मद सिराजुद्दीन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और रचनात्मक क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलते रहें।
कार्यक्रम की शुरुआत एमए प्रथम वर्ष के छात्र वलीउल्लाह नोमानी द्वारा कुरआन शरीफ की तिलावत से हुई। इसके बाद एमए प्रथम वर्ष की छात्रा आयशा ने खूबसूरत आवाज में नात पेश की। एमए द्वितीय वर्ष के छात्र सैयद अब्दुर्रहमान बाजिल ने स्वागत भाषण दिया। इसके बाद प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने अपना परिचय प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए कई मनोरंजक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें रैपिड फायर क्वेश्चंस, पिक एंड स्पीक और वर्ड मैच जैसी गतिविधियां शामिल थीं। इसके अलावा कविता, हास्य संवाद और शायरी सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा रहीं।
एमए प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अपनी बोलने की क्षमता, रचनात्मक सोच और मंचीय प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का संचालन एमए द्वितीय वर्ष की छात्रा अलनूर ने किया। इस अवसर पर एमए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की ओर से प्रथम वर्ष के नए विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न भी भेंट किए गए।
कार्यक्रम में एमए प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के साथ इस्लामिक स्टडीज विभाग के सभी शिक्षक भी उपस्थित रहे। इनमें डॉ. मोहम्मद इरफान, सुश्री जीशान सारा, डॉ. आतिफ इमरान और डॉ. अब्दुर्रकीब शामिल थे। शिक्षकों ने नए विद्यार्थियों का स्वागत किया और उनके नए शैक्षणिक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के अंत में विभाग में पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा भी विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत की गई। इससे विद्यार्थियों को आगामी कार्यक्रमों और उनमें अपनी भागीदारी की जानकारी मिली।