जामिया 160वें स्थान पर, एशिया रैंकिंग में उछाल

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 29-04-2026
Jamia Ranks 160th; Jumps in Asia Rankings
Jamia Ranks 160th; Jumps in Asia Rankings

 

नई दिल्ली

देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता का परचम लहराया है। टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में जामिया ने 160वां स्थान हासिल किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय की अकादमिक मजबूती को रेखांकित करती है, बल्कि उसकी वैश्विक पहचान को भी और सुदृढ़ बनाती है।

टाइम्स हायर एजुकेशन द्वारा जारी इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में एशिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन शिक्षण, अनुसंधान, उद्धरण (citations), अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण और उद्योग से आय जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में जामिया का इस सूची में बेहतर प्रदर्शन करना उसकी निरंतर प्रगति और गुणवत्ता-उन्मुख दृष्टिकोण का प्रमाण माना जा रहा है।

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ ने खुशी जाहिर करते हुए पूरे जामिया परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालय गुणवत्ता शिक्षा, प्रभावशाली शोध और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, और यही दृष्टिकोण उसे लगातार आगे बढ़ा रहा है।

वहीं, रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी ने भी इस उपलब्धि को संस्थागत समर्पण और टीम वर्क का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि जामिया के सभी विभागों ने मिलकर जो मेहनत की है, उसी का परिणाम है कि विश्वविद्यालय ने एशिया स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है। उन्होंने संकाय सदस्यों, छात्रों, कर्मचारियों और विशेष रूप से आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की भूमिका की सराहना की।

इस अवसर पर IQAC की मानद निदेशक प्रो. रफ़त परवीन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह रैंकिंग सुधार इस बात का संकेत है कि जामिया गुणवत्ता मानकों, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय लगातार अपने शिक्षण और शोध के स्तर को बेहतर बनाने के लिए नए प्रयास कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की रैंकिंग न केवल विश्वविद्यालय की साख को बढ़ाती है, बल्कि छात्रों के लिए भी नए अवसर खोलती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रैंकिंग होने से विदेशी छात्रों और शोधकर्ताओं का आकर्षण बढ़ता है, जिससे शैक्षणिक वातावरण और समृद्ध होता है।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की यह उपलब्धि देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है। यह दिखाता है कि भारतीय विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं और निरंतर सुधार के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

आने वाले समय में जामिया का लक्ष्य अपनी रैंकिंग को और बेहतर करना और शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करना है। यह उपलब्धि निश्चित रूप से विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उसे वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेगी।