तेल वर्ष की पहली छमाही में वनस्पति तेल का आयात 13 प्रतिशत बढ़ा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-05-2026
Vegetable oil imports rise 13 percent in the first half of the oil year
Vegetable oil imports rise 13 percent in the first half of the oil year

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
देश का वनस्पति तेल आयात 2025-26 तेल वर्ष के पहले छह महीनों में 13 प्रतिशत बढ़कर 79.4 लाख टन हो गया। पाम तेल की खेप में तेज उछाल इसकी मुख्य वजह रही। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

दुनिया के सबसे बड़े खाद्य तेल उपभोक्ता भारत ने पिछले वर्ष की समान अवधि (नवंबर-अप्रैल) में 70.4 लाख टन आयात किया था। भारत का तेल वर्ष नवंबर से अक्टूबर तक चलता है।
 
मूल्य के संदर्भ में, नवंबर-अप्रैल अवधि के दौरान आयात सालाना आधार पर 73,000 करोड़ रुपये से 19 प्रतिशत बढ़कर 87,000 करोड़ रुपये हो गया।
 
संघ के अनुसार, कुल आयात में खाद्य तेलों की हिस्सेदारी 78.2 लाख टन जबकि गैर-खाद्य तेल की 1.21 लाख टन रही।
 
पाम तेल का आयात लगभग दोगुना होकर 27.4 लाख टन से बढ़कर 39.7 लाख टन हो गया जबकि सोया तेल तथा सूरजमुखी तेल सहित नरम तेलों की खेप 41.3 लाख टन से घटकर 38.5 लाख टन रह गई।
 
इंडोनेशिया और मलेशिया भारत को पाम तेल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। अर्जेंटीना सोया तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है जिसके बाद ब्राजील का स्थान आता है। वहीं रूस और यूक्रेन सूरजमुखी तेल के मुख्य स्रोत हैं।
 
खाद्य तेलों की कीमतों में पिछले एक वर्ष में तेज वृद्धि हुई है, जिसमें पाम तेल की कीमतें अप्रैल 2025 के स्तर की तुलना में 14-15 प्रतिशत बढ़ीं। इसी अवधि में सोया तेल और सूरजमुखी तेल की कीमतों में 17 से 22 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई।