India has increased its commitment to climate action to 5.6 percent of GDP: Sitharaman
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत ने पिछले छह वर्षों में जलवायु कार्रवाई पर खर्च बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.6 प्रतिशत कर दिया है, जो कार्बन उत्सर्जन पर अंकुश लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के राष्ट्रीय प्रयास को दर्शाता है।
सीतारमण ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में एक समिति की चर्चा में शिरकत करते हुए कहा कि भारत ने जलवायु कार्रवाई के लिए अपनी प्रतिबद्धता बढ़ा दी है।
उन्होंने कहा, “छह साल पहले भारत अपने जीडीपी का लगभग 3.7 प्रतिशत जलवायु सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर खर्च करता था। आज यह खर्च बढ़कर करीब 5.6 प्रतिशत हो गया है। हमने इसके लिए आवश्यक धन पहले ही निवेश कर दिया है। हम किसी और देश या स्रोत से वित्त या प्रौद्योगिकी मिलने का इंतजार नहीं कर रहे हैं, लेकिन ये संसाधन उपलब्ध होना जरूरी हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश करना जारी रखेगा और हम उस प्रतिबद्धता पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कार्बन नियंत्रण रणनीतियों को केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्तपोषित किया गया है ताकि उन्हें पूरे देश में लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत ने नवीकरणीय क्षेत्र में अपनी राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित प्रतिबद्धताओं में से दो-तिहाई हासिल कर ली है और वह भी लक्ष्य तिथि से चार साल पहले।
सीतारमण ने कहा कि जो देश कम प्रदूषण फैला रहे हैं, उन्हें जलवायु कार्रवाई में कम योगदान देना चाहिए।