खामेनेई ने हमले जारी रखने का संकल्प जताया,नेतन्याहू ने उन्हें ‘‘रेवोल्यूशनी गॉर्ड्स की कठपुतली’’ कहा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-03-2026
Khamenei vows to continue attacks, Netanyahu calls him a
Khamenei vows to continue attacks, Netanyahu calls him a "puppet of the Revolutionary Guards"

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता का पद संभालने के बाद पहला बयान जारी कर बृहस्पतिवार को कहा कि ईरान खाड़ी देशों पर हमले जारी रखेगा साथ ही उन्होंने उस युद्ध में ‘‘अन्य मोर्चे’’ खोलने की धमकी दी जिसने पहले ही विश्व ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को बाधित कर दिया है।
 
इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को ‘‘रेवोल्यूशनी गॉर्ड्स की कठपुतली’’ करार देते हुए उनकी निंदा की।
 
नेतन्याहू ने कहा कि उनके देश के हमले ऐसी परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं, जिनसे ईरान की जनता सरकार को उखाड़ फेंक सके।
 
नेतन्याहू ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह आपके हाथों में है। हम शासन के पतन के लिए अनुकूलतम परिस्थितियां बना रहे हैं।’’
 
अमेरिका स्थित स्वतंत्र निगरानी समूह ‘आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा’ (एसीएलईडी) के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल ने ईरान में सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाया है ताकि विरोध को दबाने की सरकार की क्षमता को कमजोर किया जा सके।
 
मोजतबा खामेनेई के ईरान के अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड से करीबी संबंध हैं और ऐसा माना जाता है कि उनका रुख अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई से भी अधिक कट्टर है। अभी यह जानकारी नहीं है कि वह कहां हैं।
 
सरकारी टेलीविजन पर शीर्ष नेता खामेनेई (56) का बयान एक समाचार प्रस्तोता ने पढ़ा। खामेनेई कैमरे के सामने नहीं आए और इजराइली आकलन से पता चलता है कि युद्ध की शुरुआती गोलीबारी में वह घायल हो गए थे।
 
उन्होंने युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने का संकल्प जताया।
 
इस बयान से उस युद्ध को जारी रखने की इच्छा का संकेत मिलता है जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और खाड़ी के अरब देशों को प्राप्त सुरक्षा को बाधित किया है और जिसने ईरान के नेतृत्व, सैन्य और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी काफी असर डाला है।
 
युद्ध शुरू होने के बाद से खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।
 
ईरान के साथ युद्ध को लेकर चिंताओं के कारण तेल की कीमतें फिर बढ़कर 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पहुंच गईं और दुनिया भर के शेयर बाजार में गिरावट आई।
 
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह खाड़ी अरब के अपने पड़ोसियों पर हमले जारी रखेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के रणनीतिक लाभ का इस्तेमाल अमेरिका एवं इजराइल के खिलाफ दबाव बनाने के लिए करेगा।
 
ट्यूनीशिया में ईरान के राजदूत मीर मसूद होसैनियन ने बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईरानी नौसैनिक बलों ने जलडमरूमध्य पर ‘‘पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है’’ और ‘‘हमारी तेल अवसंरचना पर हमलों के जवाब में सटीक हमले किए हैं।’’
 
दुनियाभर में जितने तेल का कारोबार होता है, उसका पांचवां हिस्सा फारस की खाड़ी से हिंद महासागर की ओर जाने वाले इस जलमार्ग से ही गुजरता है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा ईरान की संप्रभुता के सम्मान पर निर्भर है।’’
 
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने घोषणा की कि वह ईरान युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बीच रूसी तेल पर प्रतिबंधों में और ढील देने के लिए कदम उठा रहा है।
 
अमेरिकी प्रशासन ने अन्य देशों को इस समय समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद की अस्थायी अनुमति दिए जाने की घोषणा की है।
 
अमेरिका ने इससे पहले भारत को भी प्रतिबंधों से इसी तरह की ‘‘छूट’’ दी थी ताकि वह रूसी तेल खरीद सके। यह कदम 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से बढ़ रही तेल कीमतों को कम करने के प्रयासों के तहत उठाया गया।
 
इस बीच, होसैनियन ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि नए सर्वोच्च नेता अपने घर पर हुए हमले में घायल हुए थे लेकिन ‘‘उनकी स्थिति गंभीर नहीं है।’’