आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर अमेरिका की चेतावनी के बाद तेहरान ने वाशिंगटन से संपर्क कर वार्ता का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ओमान के विदेश मंत्री हाल ही में ईरान की यात्रा पर गए थे। ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। इस बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत में कहा कि देश की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने हिंसा के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में लोग “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजराइल मुर्दाबाद” के नारे लगाते दिखे। ये प्रदर्शन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के शासन के समर्थन में किए गए।
उधर, व्हाइट हाउस से जुड़े सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदमों पर विचार कर रही है। इनमें साइबर हमले और सैन्य कार्रवाई जैसे विकल्प भी शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि सेना सभी विकल्पों पर विचार कर रही है और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘एयर फोर्स वन’ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन अगर हालात और बिगड़े तो अमेरिका को पहले कदम उठाना पड़ सकता है।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में जारी कार्रवाई में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों को हिरासत में लिया गया है। हालात को देखते हुए क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।