तेहरान।
ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि देश में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच वाशिंगटन ने किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की, तो उसका जवाब सीधे अमेरिकी सैन्य और नौसैनिक ठिकानों पर हमले के रूप में दिया जाएगा। यह चेतावनी ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने रविवार को संसद में अपने संबोधन के दौरान दी।
ग़ालिबफ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर संयुक्त राज्य अमेरिका सैन्य हमला करता है, तो कब्ज़े वाले क्षेत्र और अमेरिकी सैन्य व नौसैनिक अड्डे हमारे वैध लक्ष्य होंगे।” उनके बयान को इज़राइल के खिलाफ अप्रत्यक्ष चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि ईरान इज़राइल को मान्यता नहीं देता और उसे कब्ज़े वाला फिलिस्तीनी क्षेत्र मानता है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में पिछले दो हफ्तों से व्यापक और कई जगहों पर हिंसक सरकार-विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच, ईरानी पुलिस ने दावा किया है कि विरोध प्रदर्शनों के मुख्य आयोजकों और भड़काने वालों में से बड़ी संख्या को गिरफ्तार कर लिया गया है। ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद-रेज़ा रादान ने सरकारी टेलीविजन को बताया कि दंगों में शामिल प्रमुख समूहों के नेता शनिवार रात गिरफ्तार किए गए हैं और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें सजा दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने गिरफ्तार लोगों की संख्या और पहचान का खुलासा नहीं किया।
उधर, इज़राइली सूत्रों के अनुसार, ईरान में वर्षों के सबसे बड़े सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनज़र इज़राइल हाई अलर्ट पर है। तीन इज़राइली अधिकारियों ने संकेत दिया कि यदि अमेरिका ईरान में किसी तरह का हस्तक्षेप करता है, तो इज़राइल भी पूरी तरह सतर्क है। हालांकि, इज़राइली सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया है कि उसका ईरान के आंतरिक मामलों में सीधे हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल के दिनों में कई बार ईरान को चेतावनी दी है कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग से बचे। ट्रम्प ने यह भी कहा है कि अमेरिका ईरान में प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने सीधे सैन्य हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं की है।
शनिवार को इज़राइली सुरक्षा परिषद की एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें ईरान से जुड़े हालात पर चर्चा की गई। इससे पहले इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें ईरान में संभावित अमेरिकी कदमों पर चर्चा होने की बात कही जा रही है।
गौरतलब है कि ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर इज़राइल और ईरान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। ऐसे में ईरान की यह नई चेतावनी पश्चिम एशिया में हालात को और अधिक विस्फोटक बना सकती है।