ईरान को व्यवस्थित तरीके से कुचला जा रहा है, देर-सवेर उसका ढहना तय : नेतन्याहू

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-04-2026
Iran is being systematically crushed; its collapse is inevitable, sooner or later: Netanyahu
Iran is being systematically crushed; its collapse is inevitable, sooner or later: Netanyahu

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 ईरान के खिलाफ युद्ध में ‘‘बड़ी उपलब्धियों’’ की प्रशंसा करते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार शाम कहा कि इजराइल-अमेरिका का संयुक्त अभियान इस्लामी शासन को ‘‘व्यवस्थित तरीके से कुचल रहा है’’ और इस यहूदी राष्ट्र के सामने मौजूद अस्तित्वगत खतरों को खत्म कर रहा है।
 
यहूदी पर्व ‘पेसाच’ (पासओवर) से पहले हिब्रू में राष्ट्र को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ‘‘देर-सवेर’’ ईरानी शासन गिर जाएगा और इजराइल, तेहरान से उत्पन्न साझा खतरे के खिलाफ ‘‘क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों के साथ नए गठबंधन’’ बना रहा है।
 
इजराइली प्रधानमंत्री ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन संक्षेप में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ‘‘जल्द ही मैं आपको इन महत्वपूर्ण गठबंधनों के बारे में और बता पाऊंगा।’’
 
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘स्वतंत्रता पर्व की पूर्व संध्या पर इजराइल पहले से कहीं अधिक मजबूत है। पूरी दुनिया ईरान के दुष्ट शासन के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारी दहाड़ सुन रही है, एक ऐसी लड़ाई जिसमें हमने अपार उपलब्धियां हासिल की हैं।’’
 
यह संबोधन ऐसे समय में आया जब देश लेबनान में जमीनी अभियान के दौरान चार सैनिकों की मौत पर शोक मना रहा है। उन्होंने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ये उपलब्धियां ‘‘कष्टदायक कीमत’’ चुकाकर हासिल हुई हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका के साथ हमारे संयुक्त अभियान का एक महीना पूरा होने पर हम उस आतंकवादी शासन को व्यवस्थित रूप से कुचल रहे हैं, जिसने दशकों तक ‘अमेरिका की मौत, इजराइल की मौत’ के नारे लगाए...…अयातुल्लाओं के शासन ने हमें नष्ट करने, पूरे पश्चिम एशिया पर कब्जा करने और पूरी दुनिया को खतरे में डालने की बड़ी कोशिश की।”
 
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘इसने इन घातक महत्वाकांक्षाओं को परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास, हमारे चारों ओर आतंकी संगठनों को वित्त और हथियार देने तथा उस पर लगे कड़े प्रतिबंधों को झेलकर आगे बढ़ाने की कोशिश की।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘अब मैं आपको बताना चाहता हूं: इतने वर्षों में इस सब पर ईरान ने लगभग एक हजार अरब डॉलर खर्च किए। और अब कहा जा सकता है कि यह पूरी राशि व्यर्थ चली गई।’’
 
ईरान पर किए गए प्रहारों में नेतन्याहू ने ‘‘उनके परमाणु कार्यक्रम, उनकी मिसाइलों, शासन के ढांचे, उसकी दमनकारी ताकतों और शीर्ष नेतृत्व पर प्रहार’’ को गिनाया।