एर्दोगन ने स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की अपील की

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 23-09-2026
Erdogan called for the recognition of an independent Palestinian state.
Erdogan called for the recognition of an independent Palestinian state.

 

वॉशिंगटन/नई दिल्ली

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में एक बार फिर स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की अपील की। उन्होंने उन देशों से अपना रुख बदलने का आग्रह किया, जिन्होंने अभी तक फिलिस्तीन को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है। साथ ही एर्दोगन ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की मांग की।

एर्दोगन ने अपने संबोधन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 190 से अधिक देशों की सामूहिक इच्छा को केवल पांच स्थायी सदस्य देशों के निर्णयों के अधीन रखना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने सुरक्षा परिषद में व्यापक और प्रतिनिधित्वपूर्ण सुधार की अपनी पुरानी मांग दोहराई।

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 81 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से हुई थी, लेकिन मौजूदा व्यवस्था इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम नहीं हो रही है। उनके अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक है।

गाजा के हालात पर जताई चिंता

गाजा में जारी मानवीय संकट का जिक्र करते हुए एर्दोगन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मानवता, करुणा और न्याय में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए गाजा में हो रही घटनाओं को नजरअंदाज करना संभव नहीं है।

उन्होंने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास का भी जिक्र किया। एर्दोगन ने कहा कि अब्बास लगातार दूसरे वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा में व्यक्तिगत रूप से अपनी निर्धारित सीट पर उपस्थित नहीं हो सके। अमेरिका ने इस वर्ष भी अब्बास को न्यूयॉर्क आने के लिए वीजा नहीं दिया है।

एर्दोगन ने कहा कि फिलिस्तीनियों के साथ हो रहा यह व्यवहार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि तुर्की स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य की आवाज को संयुक्त राष्ट्र में उठाता रहेगा।

इजरायल पर दबाव बढ़ाने की अपील

एर्दोगन ने उन देशों से फिलिस्तीन को मान्यता देने की अपील की, जिन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गाजा में युद्ध समाप्त कराने के लिए इजरायल पर अधिक दबाव डालने का भी आग्रह किया।

तुर्की लंबे समय से गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई का मुखर विरोध करता रहा है। अंकारा ने इजरायल पर गाजा में नरसंहार का आरोप लगाया है। इजरायल इन आरोपों को खारिज करता है।

एर्दोगन के भाषण में फिलिस्तीन के अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार भी प्रमुख मुद्दा रहा। रूस ने भी सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का समर्थन किया है, हालांकि मॉस्को मौजूदा स्थायी सदस्यों के वीटो अधिकार को बनाए रखने के पक्ष में है।