ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति का आर्थिक सुधारों का वादा, विदेशी साजिश का आरोप

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 12-01-2026
Amid protests in Iran, the president promises economic reforms and alleges a foreign conspiracy.
Amid protests in Iran, the president promises economic reforms and alleges a foreign conspiracy.

 

तेहरान।

ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को सुधारने और जनता की शिकायतें सुनने का भरोसा दिलाया है। रविवार को सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और आर्थिक संकट से देश को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने सुलह का रुख अपनाते हुए कहा कि प्रशासन आर्थिक असमानता, महंगाई और बेरोज़गारी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहा है। हालांकि, उन्होंने मौजूदा अशांति के लिए अमेरिका और इज़राइल को ज़िम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि ये देश ईरान में अस्थिरता फैलाने के लिए प्रशिक्षित तत्वों को उकसा रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और हिंसा फैलाने वालों के बीच स्पष्ट अंतर कर रही है।

उन्होंने कहा, “सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता की चिंताओं को सुने और उनका समाधान करे, लेकिन साथ ही यह भी ज़रूरी है कि दंगाइयों और आतंकवादियों को देश में अराजकता फैलाने से रोका जाए।” उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे अपने बच्चों को हिंसक गतिविधियों से दूर रखें।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के संसाधनों का निष्पक्ष वितरण करना है, चाहे लोग किसी भी पार्टी, जातीय समूह, प्रांत या भाषा से जुड़े हों। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आर्थिक सुधारों का लाभ सभी नागरिकों तक पहुंचेगा।

गौरतलब है कि ईरान की मुद्रा हाल के महीनों में भारी गिरावट का शिकार हुई है और यह दिसंबर के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसके चलते महंगाई और जीवन यापन की लागत में तेज़ बढ़ोतरी हुई, जिसने देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया। इन प्रदर्शनों को 2022–23 के आंदोलन के बाद सबसे बड़ा माना जा रहा है, जो महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद शुरू हुआ था।

सरकारी मीडिया के मुताबिक, हालिया प्रदर्शनों के दौरान 109 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण आर्थिक विरोध को मान्यता देती है, लेकिन सशस्त्र और हिंसक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो अमेरिकी ठिकाने और इज़राइल ईरान के वैध लक्ष्य होंगे।

इस बीच, ईरान के गृह मंत्रालय ने दावा किया है कि देश में स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। हालांकि, अटॉर्नी जनरल ने चेतावनी दी है कि सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों में शामिल लोगों को कड़ी सज़ा, यहां तक कि मौत की सज़ा भी दी जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अनुसार, अशांति के दौरान देश में कई घंटों तक इंटरनेट सेवाएं भी बाधित रहीं।