इस्लामाबाद।
पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर गायक अली ज़फर ने भारत और पाकिस्तान के बीच एक दुर्लभ सकारात्मक क्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे साल 2026 का “पहला खुशी का दिन” बताया है। यह प्रतिक्रिया उस तस्वीर के बाद आई, जिसमें पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर एक-दूसरे से हाथ मिलाते नजर आए।
अली ज़फर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि नए साल के पहले दिन ऐसी तस्वीर देखना उम्मीद जगाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य इस बात का संकेत हो सकता है कि दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे तनाव और नकारात्मकता से आगे बढ़ने की दिशा में सोच सकते हैं।
अपने संदेश में अली ज़फर ने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान अगर नफरत, ट्रोलिंग, नकारात्मक सोच और शोर मचाने वाले तत्वों से ऊपर उठें, तो न सिर्फ दोनों देशों बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के अरबों लोगों के लिए शांति, खुशहाली और विकास के नए रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि साल 2026 शांति और तरक्की का साल साबित होगा।
अयाज़ सादिक और जयशंकर के हाथ मिलाने की इस तस्वीर को पाकिस्तान-भारत संबंधों में एक प्रतीकात्मक लेकिन अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे “क्रिकेट हैंडशेक विवाद” के संदर्भ में भी एक नई शुरुआत माना जा रहा है, क्योंकि भारत-पाक तनाव के बाद खेल और कूटनीति—दोनों स्तरों पर रिश्ते लगभग ठहर से गए थे।
गौरतलब है कि यह मुलाकात ढाका में हुई, जहां दोनों नेता बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, जयशंकर स्वयं आगे बढ़कर अयाज़ सादिक के पास गए और दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई।
यह मुलाकात मई में भारत-पाक के बीच हुए सैन्य टकराव के बाद पहली उच्चस्तरीय राजनीतिक बातचीत मानी जा रही है। उस टकराव के बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव आ गया था और लगभग सभी राजनीतिक व कूटनीतिक संपर्क ठप हो गए थे।हालांकि, इससे पहले जयशंकर पाकिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में शामिल हुए थे, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार से भी हुई थी।
अली ज़फर की प्रतिक्रिया को दोनों देशों के बीच संवाद, शांति और मानवीय रिश्तों की उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।






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