रियाद/मक्का।
सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में बुधवार (31 दिसंबर) को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जब उमराह अदा कर रहे मालदीव के एक नागरिक की काबा की परिक्रमा (तवाफ) के दौरान मृत्यु हो गई। यह घटना उस समय हुई, जब श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा और एकाग्रता के साथ इबादत में मशगूल थे।
मालदीव के प्रतिष्ठित मीडिया आउटलेट ‘राज्जे’ की रिपोर्ट के अनुसार, काबा शरीफ में उमराह की रस्में निभाते समय उक्त व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ा। चिकित्सकीय सहायता पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया। मृतक की पहचान 62 वर्षीय मोहम्मद इम्तियाज के रूप में हुई है, जो अल-मनासिक हज और उमराह समूह के साथ उमराह के लिए मक्का पहुंचे थे।
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद इम्तियाज को शाम करीब 7:45 बजे काबा परिसर में तवाफ करते समय सीने में तेज दर्द हुआ और वे वहीं गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों और स्वयंसेवकों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। बाद में चिकित्सकों ने पुष्टि की कि उनकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई।
परिजनों और समूह के सदस्यों ने बताया कि इम्तियाज पहले से ही हृदय रोग से पीड़ित थे। उनके सीने में पेसमेकर भी लगाया गया था और वे नियमित रूप से चिकित्सकीय निगरानी में रहते थे। इसके बावजूद, वे पूरी आस्था के साथ उमराह करने के लिए मक्का आए थे। बताया जा रहा है कि यह उनकी दूसरी उमराह यात्रा थी।
इस दुखद घटना के बाद उमराह समूह और अन्य तीर्थयात्रियों में शोक की लहर दौड़ गई। कई लोगों ने इसे “इबादत की हालत में हुआ इंतकाल” बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। इस्लामी परंपरा में पवित्र स्थल पर इबादत करते हुए मृत्यु को एक विशेष आध्यात्मिक दर्जा माना जाता है, जिसे कई लोग सौभाग्य से जोड़कर देखते हैं।
स्थानीय प्रशासन और संबंधित हज-उमराह एजेंसियों ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सऊदी अधिकारियों की ओर से मृतक के परिजनों और मालदीव दूतावास से संपर्क बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि उमराह और हज जैसे शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान, विशेष रूप से बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की आवश्यकता होती है।






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