भारत–पाक टी20 विश्व कप मैच पर जमी बर्फ पिघलने के आसार, पीसीबी प्रमुख नकवी की अहम बैठकें

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 09-02-2026
The ice between India and Pakistan over the T20 World Cup match is showing signs of thawing, following important meetings held by PCB chief Naqvi.
The ice between India and Pakistan over the T20 World Cup match is showing signs of thawing, following important meetings held by PCB chief Naqvi.

 

कराची

भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप मुकाबले को लेकर बने गतिरोध को सुलझाने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल देखने को मिली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख मोहसिन नकवी ने लाहौर में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा से मुलाकात की। इस बैठक को भारत-पाक मैच को लेकर जारी संकट के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह बैठक लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई, जिसकी तस्वीरें पीसीबी ने आधिकारिक रूप से जारी की हैं। ख्वाजा विशेष रूप से लाहौर पहुंचे हैं और संकेत मिल रहे हैं कि 15 फरवरी को कोलंबो में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान टी20 विश्व कप मुकाबले को लेकर सकारात्मक रास्ता निकल सकता है। इससे क्रिकेट प्रशंसकों में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार खेला जाएगा।

आईसीसी में सिंगापुर का प्रतिनिधित्व करने वाले इमरान ख्वाजा को वैश्विक क्रिकेट प्रशासन में एक प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है। एसोसिएट सदस्य निदेशक के रूप में उन्हें आईसीसी बोर्ड में मतदान का अधिकार भी प्राप्त है। पीसीबी से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र ने पुष्टि की है कि आईसीसी बोर्ड ने ख्वाजा को इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका सौंपी है।

सूत्र के अनुसार, “ख्वाजा पिछले कुछ समय से मोहसिन नकवी के संपर्क में हैं। वह लाहौर इसलिए आए ताकि वर्चुअल बैठक से पहले पीसीबी प्रमुख और बीसीबी अध्यक्ष के साथ आमने-सामने चर्चा हो सके।” अमीनुल इस्लाम पहले से ही लाहौर में मौजूद हैं, जिससे इस त्रिपक्षीय बातचीत को और अधिक अहम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि पीसीबी और आईसीसी के बीच तनाव उस समय बढ़ा, जब सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से हटाकर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार किया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ मैच न खेलने का रुख अपनाया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ ने इसे बांग्लादेश के प्रति एकजुटता का कदम बताया था।

हालांकि, हालिया घटनाक्रम से संकेत मिलते हैं कि स्थिति बदल रही है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की ओर से पीसीबी को भेजे गए एक ईमेल के बाद हालात में नरमी आई है, जिसमें बहिष्कार खत्म करने का आग्रह किया गया था। इसी क्रम में आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता भी कोलंबो में एसएलसी अध्यक्ष शम्मी सिल्वा से मुलाकात कर चुके हैं।

आईसीसी पहले ही पीसीबी से यह स्पष्ट करने को कह चुका है कि वह ‘फोर्स मेज्योर’ नियम का उपयोग कैसे करना चाहता है। लेकिन अब पीसीबी द्वारा बातचीत का रास्ता अपनाने से उम्मीद जताई जा रही है कि खेल के हित में कोई व्यावहारिक समाधान निकल सकता है।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि इन बैठकों का सकारात्मक नतीजा न केवल भारत-पाक मैच को संभव बनाएगा, बल्कि टी20 विश्व कप की प्रतिष्ठा और रोमांच को भी पूरी तरह बहाल करेगा।