IPL में 220 रन भी नहीं सुरक्षित, रन चेज़ बना आसान खेल

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 02-05-2026
Even 220 Runs Are Not Safe in the IPL; Run Chases Have Become Child's Play.
Even 220 Runs Are Not Safe in the IPL; Run Chases Have Become Child's Play.

 

नई दिल्ली

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का मौजूदा सीजन टी20 क्रिकेट की परिभाषा को ही बदलता नजर आ रहा है। अब 200 या 220 रन का स्कोर भी सुरक्षित नहीं माना जा रहा। जिस लक्ष्य को कभी ‘मैच जिताऊ’ समझा जाता था, आज वही स्कोर टीमें बेहद आसानी से हासिल कर रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि बड़े से बड़ा रन चेज़ भी “दाल-भात” जैसा आसान लगने लगा है।

इस सीजन के आंकड़े खुद इस बदलाव की गवाही दे रहे हैं। अब तक कम से कम 220 या उससे अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 7 बार टीमें जीत हासिल कर चुकी हैं। यह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है, क्योंकि आईपीएल के पिछले 18 सीजनों में ऐसा कारनामा कुल मिलाकर सिर्फ 5 बार ही हुआ था। यानी इस बार अकेले एक सीजन में पुराने सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए हैं।

सिर्फ 220 रन ही नहीं, 200 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करने में भी इस बार रिकॉर्ड टूटे हैं। 29 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार, एक ही सीजन में 200+ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 मुकाबलों में जीत दर्ज की जा चुकी थी। इससे पहले 2025 सीजन में यह आंकड़ा 9 था। खास बात यह है कि अभी भी कई मैच बाकी हैं, जिससे यह रिकॉर्ड और आगे बढ़ सकता है।

क्रिकेट विश्लेषकों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं। टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों की आक्रामक सोच, बेहतर फिटनेस, आधुनिक तकनीक और छोटे मैदानों का भी बड़ा योगदान है। अब बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते, जिससे रन चेज़ करना आसान हो गया है।

एक और दिलचस्प आंकड़ा यह है कि पहले मुकाबले अक्सर आखिरी ओवर तक जाते थे। 2020 से 2022 के बीच करीब 39.7 प्रतिशत मैच अंतिम ओवर में तय होते थे। लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर लगभग 32.5 प्रतिशत रह गया है। यानी टीमें अब 20वें ओवर से पहले ही लक्ष्य हासिल कर लेती हैं।

हाल ही में खेले गए मुकाबले में Delhi Capitals ने Rajasthan Royals के खिलाफ 226 रन का विशाल लक्ष्य महज 5 गेंद शेष रहते और 7 विकेट बचाकर हासिल कर लिया। यह आईपीएल इतिहास में दिल्ली का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ बन गया।

इस मैच में राजस्थान की शुरुआत बेहद खराब रही। यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी जल्दी आउट हो गए। लेकिन कप्तान रियान पराग ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 90 रन बनाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनके अलावा डोनोवन फरेरा ने 14 गेंदों में 47 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि ध्रुव जुरेल ने भी 42 रन का योगदान दिया।

दिल्ली की ओर से Mitchell Starc ने वापसी करते हुए 3 विकेट लिए और टीम को मुकाबले में बनाए रखा।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत शानदार रही। पाथुम निसांका और KL Rahul के बीच 110 रन की साझेदारी ने जीत की नींव रख दी। निसांका ने 62 रन और राहुल ने 75 रन की शानदार पारी खेली।

इसके बाद ट्रिस्टन स्टब्स और आशुतोष शर्मा ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को आसानी से जीत दिला दी। आशुतोष ने 25 रन और स्टब्स ने नाबाद 18 रन बनाए।

यह सिर्फ एक मैच की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे सीजन का ट्रेंड बन चुका है। अब टीमें बड़े लक्ष्यों से डरती नहीं, बल्कि उन्हें चुनौती के रूप में देखती हैं। बल्लेबाजों का आत्मविश्वास इतना बढ़ गया है कि कोई भी स्कोर असंभव नहीं लगता।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रुझान जारी रहा, तो आने वाले समय में टी20 क्रिकेट में 250 या उससे ज्यादा के स्कोर भी सामान्य हो सकते हैं। इससे गेंदबाजों के लिए चुनौती और बढ़ जाएगी।

कुल मिलाकर, आईपीएल 2026 ने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट लगातार बदल रहा है। अब यह सिर्फ गेंद और बल्ले का खेल नहीं, बल्कि रणनीति, मानसिकता और आक्रामकता का खेल बन चुका है—जहां 220 रन भी अब सुरक्षित नहीं रहे।