न्यूयॉर्क/नई दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित T20 वर्ल्ड कप मुकाबले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान सरकार के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में इतना बड़ा कदम क्यों उठा रहा है, जबकि “बांग्लादेश क्रिकेट ने पाकिस्तान क्रिकेट के लिए कुछ खास किया ही नहीं।”
दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ होने वाले T20 वर्ल्ड कप मुकाबले का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगी, हालांकि इसके पीछे कोई ठोस वजह सार्वजनिक नहीं की गई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भी इस फैसले को दोहराते हुए कहा कि खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन इसके बावजूद सरकार अपने “स्पष्ट रुख” पर कायम है। यह मुकाबला हाइब्रिड मॉडल के तहत श्रीलंका में होना था, ताकि सुरक्षा और राजनीतिक चिंताओं से बचा जा सके।
ANI से बातचीत में दानिश कनेरिया ने कहा कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने माना कि अतीत में भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों की सरकारें एक-दूसरे के यहां खेलने से इनकार कर चुकी हैं, लेकिन ICC टूर्नामेंट में ऐसा करना समझ से परे है। कनेरिया के मुताबिक, यह एक ICC Men's T20 World Cup 2026 है, न कि द्विपक्षीय सीरीज़, और इसके सारे फैसले ICC करती है।
उन्होंने सवाल किया कि जब ICC ने पाकिस्तान की पहले की मांग मानते हुए भारत-पाक मैच को भारत के बाहर (श्रीलंका) रखा, तो फिर बहिष्कार क्यों? कनेरिया ने कहा कि पाकिस्तान सरकार बांग्लादेश के समर्थन में जो रुख अपना रही है, उसका सीधा नुकसान पाक क्रिकेट को ही होगा।
पूर्व स्पिनर ने यह भी चेताया कि अगर पाकिस्तान ने यह मैच नहीं खेला, तो भारत को सीधे दो अंक मिल जाएंगे। उन्होंने आगे सवाल उठाया कि अगर सेमीफाइनल या फाइनल में दोनों टीमें आमने-सामने आ गईं, तो क्या पाकिस्तान तब भी खेलने से इनकार करेगा?
कनेरिया ने कहा कि क्रिकेट पाकिस्तान का सबसे मजबूत खेल है और यही देश को जोड़ता है। ऐसे फैसलों से न सिर्फ ICC के साथ रिश्ते बिगड़ सकते हैं, बल्कि भविष्य के खिलाड़ियों, ब्रॉडकास्टर्स और फैंस को भी नुकसान होगा। उनका सुझाव था कि विरोध दर्ज कराने के और भी तरीके हो सकते थे, जैसे खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरते।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच बैक-चैनल बातचीत जारी है, ताकि इस हाई-वोल्टेज मुकाबले का कोई “मध्य रास्ता” निकाला जा सके। क्रिकेट जगत की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि क्या भारत-पाक मैच होगा या यह विवाद और बड़ा रूप लेगा।




