नई दिल्ली।
भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की लगभग चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में वापसी ने एक बार फिर तेज गेंदबाजों की फिटनेस, खानपान और रिकवरी की अहमियत को चर्चा में ला दिया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के उच्चतम स्तर पर लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए मैदान पर प्रदर्शन के साथ-साथ पर्दे के पीछे की तैयारी भी महत्वपूर्ण होती है।
भुवनेश्वर कुमार पिछले पांच से छह वर्षों से न्यूट्रिशनिस्ट शाह फहद के साथ काम कर रहे हैं। फहद व्यक्तिगत पोषण संबंधी सलाह देने वाली कंपनी अल्फा ह्यूमन के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उनकी भूमिका भुवनेश्वर की ट्रेनिंग, खानपान की पसंद और प्रदर्शन से जुड़े लक्ष्यों के अनुरूप पोषण संबंधी योजना तैयार करने की रही है।
कंपनी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस प्रक्रिया में खिलाड़ी की व्यक्तिगत जरूरतों, प्रशिक्षण कार्यक्रम, भोजन की पसंद और प्रदर्शन संबंधी लक्ष्यों को ध्यान में रखा जाता है।
तेज गेंदबाजों को अभ्यास और मैचों के दौरान काफी शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। लगातार गेंदबाजी करने से शरीर पर पड़ने वाला दबाव उनकी फिटनेस और प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में पर्याप्त आराम, सही खानपान और शरीर की रिकवरी उनकी तैयारी के अहम हिस्से हैं।
पोषण के जरिए खिलाड़ियों की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्याप्त प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। खासकर तब, जब खिलाड़ियों को व्यस्त कार्यक्रम के बीच लगातार अभ्यास और मैच खेलने पड़ते हैं।
भुवनेश्वर कुमार शाकाहारी भोजन करते हैं। ऐसे में उनकी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए खानपान की सावधानीपूर्वक योजना बनाना जरूरी है।शाह फहद की कार्यप्रणाली किसी एक निश्चित डाइट प्लान पर निर्भर रहने के बजाय खिलाड़ी की व्यक्तिगत जरूरतों, भोजन की पसंद, प्रशिक्षण के भार और प्रदर्शन के लक्ष्यों पर आधारित है।
खिलाड़ी की फिटनेस बनाए रखने के लिए पोषण को अन्य तैयारियों से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से फहद शक्ति एवं शारीरिक क्षमता प्रशिक्षण से जुड़े विशेषज्ञों और फिजियोथेरेपिस्ट के साथ मिलकर काम करते हैं, ताकि खानपान की योजना को प्रशिक्षण और रिकवरी की जरूरतों के अनुरूप रखा जा सके।
फहद ने कहा, “चैंपियन अंदाजे नहीं लगाते, बल्कि चीजों को समझते हैं। व्यक्तिगत पोषण का मतलब खिलाड़ी को एक व्यक्ति के रूप में समझना है। साथ ही यह पहचानना भी जरूरी है कि बेहतर प्रदर्शन खिलाड़ी और उसकी सहायता करने वाली पूरी टीम के संयुक्त प्रयासों से हासिल होता है।”
शाह फहद ने व्यक्तिगत पोषण संबंधी सलाह देने की अपनी प्रक्रिया में डीएनए टेस्टिंग को भी शामिल किया है। आनुवंशिक जानकारी से स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी कुछ प्रवृत्तियों को समझने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, तेज गेंदबाजों में चोट लगने का जोखिम केवल आनुवंशिक कारणों पर निर्भर नहीं करता। गेंदबाजी का कार्यभार, पहले लगी चोटें, शारीरिक क्षमता, कंडीशनिंग और रिकवरी जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।
इसलिए पेशेवर क्रिकेटर की फिटनेस बनाए रखना केवल मैच के दिन की तैयारी तक सीमित नहीं है। पूरे सीजन के दौरान प्रशिक्षण की तीव्रता, कार्यभार का प्रबंधन, संतुलित पोषण और पर्याप्त रिकवरी खिलाड़ी की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
भुवनेश्वर कुमार के अलावा शाह फहद अन्य क्रिकेटरों, गोल्फ खिलाड़ियों, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं और मनोरंजन जगत की हस्तियों के साथ भी काम कर चुके हैं। उनकी पोषण संबंधी सलाह संबंधित व्यक्ति की जरूरतों के अनुसार तैयार की जाती है।
भुवनेश्वर की भारतीय टी-20 टीम में वापसी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के पीछे होने वाली तैयारी को रेखांकित किया है। हालांकि, टीम में चयन और मैदान पर प्रदर्शन कई कारकों पर निर्भर करते हैं, लेकिन फिटनेस, कार्यभार का सही प्रबंधन, पोषण और रिकवरी तेज गेंदबाज के करियर को लंबे समय तक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।