अहमदाबाद
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar ने टी20 क्रिकेट में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। वह टी20 प्रारूप में 350 विकेट लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज और कुल मिलाकर दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान हासिल की।
इस मैच में भुवनेश्वर कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए। खास बात यह रही कि दूसरे छोर से गेंदबाजों को रन पड़ रहे थे, लेकिन भुवनेश्वर ने अपनी स्विंग और अनुभव का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा।
भुवनेश्वर के टी20 करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक 325 मैचों में 352 विकेट हासिल किए हैं। उनका गेंदबाजी औसत 24.51 का है, जिसमें उन्होंने पांच बार चार विकेट और पांच बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/4 का रहा है। इस सूची में उनसे आगे केवल Yuzvendra Chahal हैं, जिन्होंने 337 मैचों में 391 विकेट लिए हैं।
मौजूदा आईपीएल सीजन में भी भुवनेश्वर कुमार शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने अब तक 9 मैचों में 17 विकेट लिए हैं और वह इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हैं। उनकी इकॉनमी रेट 7.54 है, जो टी20 जैसे तेज प्रारूप में बेहद प्रभावशाली मानी जाती है।
आईपीएल में भुवनेश्वर का प्रदर्शन भी लगातार शानदार रहा है। उन्होंने 199 मैचों में 215 विकेट लिए हैं और वह टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं। इस सूची में भी पहले स्थान पर युजवेंद्र चहल हैं।
मैच की बात करें तो गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। RCB की ओर से Virat Kohli ने तेज शुरुआत करते हुए 13 गेंदों में 28 रन बनाए, जिसमें लगातार पांच चौके शामिल थे। हालांकि, इसके बाद टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। देवदत्त पडिक्कल ने 40 रन की पारी खेली और टीम को 155 रन के स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
गुजरात की ओर से अर्शद खान, राशिद खान और जेसन होल्डर ने शानदार गेंदबाजी की और RCB को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत दमदार रही। कप्तान शुभमन गिल और जोस बटलर ने तेजी से रन बनाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि, बीच के ओवरों में विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। इसके बावजूद राहुल तेवतिया ने अंत तक डटे रहते हुए टीम को जीत दिलाई।
इस मुकाबले में भले ही RCB को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन भुवनेश्वर कुमार की ऐतिहासिक उपलब्धि ने मैच को खास बना दिया। उनकी यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय है और यह दर्शाती है कि अनुभव और कौशल के दम पर खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं।