आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों का उन्नयन और आधुनिकीकरण एक निरंतर चलने वाली परियोजना है, जिसका उद्देश्य हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकियों की ओर बढ़ना है। रूस के संयुक्त उद्यम (जेवी) साझेदार के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्नत मार्गदर्शन और नियंत्रण प्रणालियों से लैस ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे पनडुब्बियों, जहाजों, विमानों या जमीन से प्रक्षेपित किया जा सकता है।
रूसी संयुक्त उद्यम साझेदार 'एनपीओ माशिनोस्ट्रोयेनिया' के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और मुख्य डिजाइनर अलेक्जेंडर लियोनोव ने शुक्रवार को अंतरिक्ष विज्ञान (कॉस्मोनॉटिक्स) पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि रूस और भारत संयुक्त रूप से उत्पादित ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों को लगातार उन्नत कर रहे हैं और हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकियों पर काम कर रहे हैं।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी 'तास' के अनुसार लियोनोव ने कहा, "हम इन मिसाइलों का लगातार आधुनिकीकरण कर रहे हैं और इनकी विशेषताओं में सुधार कर रहे हैं। इसीलिए यह एक निरंतर चलने वाला कार्य है। ब्रह्मोस परियोजना के तहत छोटे आकार की मिसाइलों और हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकियों पर भी काम चल रहा है।"