आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी गलियारा भारत का है और किसी को भी इसको लेकर धमकी देने या इसमें छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सिलीगुड़ी गलियारा को आमतौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है।
शाह ने सिलीगड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में कुछ लोगों ने नारे लगाए थे कि भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाली भूमि की इस संकरी पट्टी ‘चिकन नेक’ को काट देंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली में कुछ लोगों ने नारे लगाए कि वे ‘ इस चिकन नेक’को काट देंगे। अरे भाई, तुम इसे कैसे काटोगे? क्या यह तुम्हारे बाप की जमीन है? यह भारत की जमीन है। इस पर कोई हाथ नहीं लगा सकता।’’
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने ऐसे नारे लगाने वालों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन आरोप लगाया कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने उनकी रिहाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया था।
शाह ने दावा किया, ‘‘दिल्ली पुलिस ने उन्हें जेल में डाल दिया। ‘इंडिया’ गठबंधन (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) के नेताओं ने उन्हें रिहा करवाने के लिए हर संभव प्रयास किया। उनके सांसदों ने तो उनकी ओर से पैरवी करने के लिए उच्चतम न्यायालय तक का रुख किया। लेकिन अंत में सच्चाई की जीत हुई। उच्चतम न्यायालय ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।’’
‘चिकन नेक’ को आधिकारिक तौर पर सिलीगुड़ी गलियारे के नाम से जाना जाता है। यह उत्तरी बंगाल में लगभग 20-22 किलोमीटर चौड़ा और लगभग 60 किलोमीटर लंबा एक संकरा भूभाग है जो भारत के शेष भाग को इसके उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ता है। सुरक्षा और रणनीतिक दोनों ही दृष्टिकोणों से इसे एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाका माना जाता है।