यूपी: महिला CM के लखनऊ आवास के पास टॉवर पर चढ़ी, सुरक्षित नीचे उतारा गया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 21-09-2026
UP: Woman climbs tower near CM's Lucknow residence, safely evacuated
UP: Woman climbs tower near CM's Lucknow residence, safely evacuated

 

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) 
 
ज़मीन के विवाद के कारण आगरा की एक महिला लखनऊ के हज़रतगंज इलाके में पार्क रोड पर बने एक टावर पर चढ़ गई। यह जगह मुख्यमंत्री आवास के पास है। लखनऊ फायर डिपार्टमेंट और स्थानीय पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में आज तुलसा नाम की महिला को सुरक्षित नीचे उतारा गया। महिला का आरोप है कि जाट समुदाय के मान सिंह नाम के व्यक्ति ने उसकी ज़मीन पर गैर-कानूनी कब्ज़ा कर लिया है। उसने यहां पत्रकारों से कहा, "मेरा नाम तुलसा है। मैं आगरा से हूं। मान सिंह ने मेरी डेढ़ बीघा ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया है। वह जाट है। उसने आज मुझे धमकी भी दी।" आगे की जानकारी का इंतज़ार है।
 
इस बीच, बिहार के नालंदा में एक और घटना में, 1,000 रुपये के बकाया भुगतान को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पत्नी का आरोप है कि उन्हें घर से अगवा किया गया, पेड़ से बांधा गया और बिजली के झटके दिए गए। मृतक सुरेंद्र मांझी की पत्नी नौलेजा देवी ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके पति को घर से ले जाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। 
 
घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने दावा किया कि आरोपियों ने उन्हें एक घर के अंदर बिजली के झटके भी दिए। नौलेजा देवी ने आरोप लगाया, "हमें हमारे घर से उठाया गया और फिर हम दोनों को एक पेड़ से बांध दिया गया। हमें पीटा गया। हमें एक घर के अंदर बिजली के झटके भी दिए गए। हमने कुछ पैसे उधार लिए थे और बाकी बचे 1,000 रुपये लौटाने थे। जब उन्होंने हमें पीटना शुरू किया, तो हमने 1,000 रुपये लौटा दिए। फिर भी, उन्होंने मेरी आँखों के सामने उसकी हत्या कर दी। मैं खिड़की से भाग निकली।"
 
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि वह और उनके पति ईंट भट्ठे पर काम करते थे और घटना के लिए मुकेश यादव, मनीष, दिलखुश और अपनी चचेरी बहन मौली देवी को ज़िम्मेदार ठहराया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुरेंद्र मांझी ने कथित तौर पर ठेकेदार मुकेश यादव से 4.5 लाख रुपये लिए थे और हत्या का संबंध पैसे लौटाने को लेकर हुए विवाद से था। रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के बाद पुलिस ने मृतक का शव एक कब्र से बरामद किया। एक अलग रिपोर्ट में भी इस मामले से जुड़े आरोपों का ज़िक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि 14 सितंबर को काम के बहाने जोड़े को बुलाया गया था और फिर उन्हें एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर सुरेंद्र को पेड़ से बांधकर पीटा गया।
 
मारपीट, बिजली का झटका देने और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान से जुड़े आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और गिरफ़्तारियों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है।