There is no government in India more corrupt than the TMC government in West Bengal: Amit Shah
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
A केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार जितनी भ्रष्ट कोई और सरकार देश में नहीं है।
उन्होंने राज्य सरकार पर चुनावी लाभ के लिए पश्चिम बंगाल में सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
विधानसभा चुनाव से पहले सिलीगुड़ी में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में शाह ने कहा कि टीएमसी सरकार ने केंद्र सरकार से मिले 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कोष को न केवल ‘सिंडिकेट’ के जरिए हड़प लिया, बल्कि महत्वपूर्ण सीमा सुरक्षा उपायों में भी बाधा डाली, जिससे राज्य में घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गई।
शाह ने दावा किया, ‘‘देश में ममता बनर्जी की सरकार जितनी भ्रष्ट कोई और सरकार नहीं है। बंगाल में भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन गया है।’’
उन्होंने शिक्षकों की भर्ती, एसएससी में अनियमितताएं, मवेशियों की तस्करी, राशन वितरण, मनरेगा और पीएम आवास जैसी योजनाओं में कथित घोटाले गिनवाए।
उन्होंने दावा किया, ‘‘सवाल पूछने के लिए रिश्वत प्रकरण, शिक्षक भर्ती घोटाला, एसएससी घोटाला, नगर पालिका भर्ती घोटाला, मवेशी तस्करी घोटाला, राशन घोटाला, मनरेगा घोटाला, पीएम आवास घोटाला – कुल मिलाकर 10 लाख करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ।’’
शाह ने टीएमसी के जेल में बंद और कई आरोपी नेताओं के नाम लेते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “अगर आप भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करतीं, तो इन 23 लोगों को टिकट न दें। लेकिन वह टिकट देंगी, क्योंकि अगर वह ऐसा नहीं करती हैं तो, वे फाइलें खोल देंगे। ”
शाह ने भाजपा की 2026 की चुनावी रणनीति पेश करते हुए “घुसपैठ, सिंडिकेट राज और डर मुक्त ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का वादा किया और कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल के सभी सीट जीतेगी।
उन्होंने कहा, “भाजपा को एक मौका दें। हम एक ‘सोनार बांग्ला’ बनाएंगे। एक परिंदा भी गैरकानूनी रूप से प्रवेश नहीं कर पाएगा।’’
शाह ने कहा कि लोग टीएमसी की “कट मनी कल्चर (कमीशन), सिंडिकेट और जबरन वसूली” से तंग आ चुके हैं।
शाह ने राज्य सरकार पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी ने बार-बार अनुरोध के बावजूद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “मैंने संसद में कहा था कि बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन चाहिए। मैंने ममता बनर्जी को सात बार पत्र लिखा। मैं खुद उनसे मिलने भी गया। गृह सचिव सात बार गए। फिर भी जमीन नहीं दी गई।”a