रास में शिवसेना सदस्य ने की ताडोबा-अंधारी बाघ अभयारण्य के बाघ गलियारे की सुरक्षा की मांग

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-02-2026
Shiv Sena member in RS demands protection of tiger corridor of Tadoba-Andhari Tiger Reserve
Shiv Sena member in RS demands protection of tiger corridor of Tadoba-Andhari Tiger Reserve

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
केंद्र सरकार पर पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को राज्यसभा में शिवसेना (उबाठा) की एक सदस्य ने कहा कि ताडोबा-अंधारी बाघ अभयारण्य के महत्वपूर्ण बाघ गलियारे में निजी लौह अयस्क खनन परियोजना को महाराष्ट्र सरकार द्वारा दी गई मंजूरी से ऐसा नुकसान होगा जिसकी कभी भरपाई नहीं हो सकेगी।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित ताडोबा-अंधारी बाघ अभयारण्य के महत्वपूर्ण बाघ गलियारे में निजी लौह अयस्क खनन परियोजना को महाराष्ट्र सरकार द्वारा दी गई मंजूरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे न केवल पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन होगा बल्कि बाघ गलियारे को भी नुकसान होने की आशंका है।
 
चतुर्वेदी ने यह मुद्दा शून्यकाल में उठाते हुए कहा कि यह नुकसान ऐसा होगा जिसकी भरपाई नहीं हो पाएगी। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार ने अपनी ही एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को दरकिनार कर यह मंजूरी दी है।
 
उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना से 18,000 से अधिक पेड़ों की कटाई हो सकती है, 12,000 से अधिक पौधों की प्रजातियां प्रभावित हो सकती हैं, वन्यजीव विस्थापित हो सकते हैं और 650 से अधिक गांवों में मानव-बाघ संघर्ष बढ़ सकता है। उन्होंने कहा ‘‘यह सब नागपुर स्थित निजी इस्पात कंपनी में 120 नौकरियों के लिए हो रहा है।’’
 
शिवसेना सदस्य ने सवाल किया कि राज्य वन्यजीव बोर्ड ने अपनी ही विशेषज्ञ समिति की आपत्तियों के बावजूद इसे मंजूरी क्यों दी? उन्होंने कहा कि यह परियोजना ब्रह्मपुरी मंडल के 35.95 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र में प्रस्तावित है, जो सीधे ताडोबा-अंधारी बाघ अभ्यारण्य से जुड़ा हुआ है, जहां बाघों की घनी आबादी पाई जाती है।