उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप , राजस्थान में तापमान शून्य से नीचे, दिल्ली में पहली शीतलहर का असर

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 12-01-2026
Severe cold wave grips North India, temperatures drop below freezing in Rajasthan, and Delhi experiences its first cold wave of the season.
Severe cold wave grips North India, temperatures drop below freezing in Rajasthan, and Delhi experiences its first cold wave of the season.

 

नयी दिल्ली

उत्तर भारत में भीषण ठंड का प्रकोप लगातार जारी है। राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया, जबकि दिल्ली में इस सर्दी में पहली बार न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड और शीतलहर का असर बना रह सकता है।

हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में तापमान लगातार शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे जा रहा है। पंजाब और हरियाणा में भी तापमान जमाव बिंदु के आसपास दर्ज किया गया। राजस्थान में शीतलहर और भीषण शीतलहर दोनों की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में देखी गई। प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे गिर गया, जबकि बाड़मेर में यह शून्य से एक डिग्री नीचे रहा।

दिल्ली में भी इस साल पहली शीतलहर का अनुभव हुआ। शहर के कुछ हिस्सों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया। सबसे ठंडा स्थान आयानगर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया। पालम स्टेशन पर 13 वर्षों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र, सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम के औसत तापमान से 2.6 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम है।

मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक ठंड और शीतलहर के बने रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान जनता और विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, ताकि लोग आवश्यक कदम उठाकर ठंड के प्रभाव से बच सकें।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि शीत लहर के इस दौर में रात के तापमान में और गिरावट संभव है। इस समय धूप में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह और रात के समय अत्यधिक ठंड बनी रहेगी। इसके अलावा, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और हवा की गति तेज होने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

राजस्थान और उत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में लोग अब हीटिंग और गर्म कपड़ों का उपयोग बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से आग, हीटर और विद्युत उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करने की चेतावनी भी दी है। इस प्रकार, उत्तर भारत इस सर्दी के प्रकोप के बीच ठंड और शीतलहर का सामना कर रहा है, जो अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।