Rs 370 biryani row: SC seeks response from States on comedian’s plea to club FIRs
नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कॉमेडियन प्रणित मोरे की याचिका पर केंद्र, हरियाणा और महाराष्ट्र सरकारों से जवाब मांगा है। मोरे ने गुरुग्राम में अपने स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणी करने के मामले में अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों में दर्ज दो FIR को एक साथ जोड़ने की मांग की है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने एक ही घटना से जुड़ी FIR को एक साथ जोड़ने की मोरे की याचिका पर नोटिस जारी किया।
यह विवाद गुरुग्राम में मोरे के स्टैंड-अप शो के दौरान दर्शकों में शामिल हिमांशु जांगड़ा और शो में मौजूद एक महिला के बीच हुई बातचीत से शुरू हुआ। जांगड़ा ने एक अनुभव के बारे में बताया जिसमें उन्होंने उस महिला के साथ डेट पर बिरयानी की एक प्लेट पर लगभग 370 रुपये खर्च किए थे। इसके बाद उन्होंने कहा कि उनके खर्च के बदले महिला को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए थे।
जांगड़ा की इन बातों पर दर्शकों ने तालियां बजाईं। मोरे पर आरोप है कि उन्होंने इस बातचीत को जारी रहने दिया और शो के दौरान जांगड़ा को ऐसी बातें करने से नहीं रोका।
बाद में इस बातचीत का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इन टिप्पणियों की आलोचना होने लगी।
मोरे और दर्शकों में शामिल दो लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत FIR दर्ज की गई हैं। ये धाराएं सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट फैलाने से संबंधित हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया और आरोप लगाया कि मोरे के शो में की गई टिप्पणियों में यौन दबाव और महिला के साथ बिना सहमति के व्यवहार को सही ठहराया गया। मोरे ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इस विवाद के सिलसिले में अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों में दर्ज दो FIR को एक साथ जोड़ने की मांग की है। कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र और हरियाणा व महाराष्ट्र सरकारों से जवाब मांगा है।