आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को यहां अनुभवी लेखिका, शिक्षाविद् और साहित्य आलोचक एम लीलावती को 'प्रियदर्शिनी साहित्य पुरस्कार' प्रदान किया।
लीलावती को उनके साहित्यिक कार्यों के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
राहुल गांधी ने इस अवसर पर कहा कि 98 वर्षीय लीलावती न केवल केरल बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह वास्तव में प्रेरणादायक है कि वह सुबह तीन बजे उठती है, इस उम्र में लिखती-पढ़ती है।"
उनका कहना था, "पूरे देश में हम ऐसे लोगों को देखते हैं जो सोचते कुछ हैं और मानते कुछ हैं, लेकिन कहने का साहस नहीं रखते। महान राष्ट्र खामोशी से नहीं बनते। वे अपनी राय व्यक्त करने से बनते हैं।"
राहुल गांधी ने कहा कि कई महान हस्तियों की तरह, लीलावती सरल और विनम्र हैं।