राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया

Story by  रावी | Published by  [email protected] | Date 12-01-2026
President Murmu remembered Swami Vivekananda and inspired the youth to contribute to nation-building.
President Murmu remembered Swami Vivekananda and inspired the youth to contribute to nation-building.

 

नई दिल्ली

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जन्मजयन्ती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने भारतीय युवाओं में राष्ट्र के प्रति गौरव और सेवा भाव जगाया। उनका जीवन और शिक्षाएं आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

राष्ट्रपति ने कहा, “स्वामी विवेकानंद एक सदैव प्रेरणादायक व्यक्तित्व और आध्यात्मिक प्रतीक थे। उन्होंने हमें यह सिखाया कि आंतरिक शक्ति और मानवता की सेवा एक सफल और अर्थपूर्ण जीवन की नींव हैं। उन्होंने भारत की शाश्वत ज्ञान परंपरा को पूरी दुनिया में पहुंचाया।”

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में नरेंद्रनाथ दत्त के रूप में हुआ था। उनके योगदान और विचारों को सम्मानित करने के लिए उनका जन्मदिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, साहस और निडरता का संदेश दिया। उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के महत्व को बताया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शाता है कि युवाओं की ऊर्जा और दृष्टिकोण किसी भी राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके आदर्श आज भी समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरक हैं और वे युवाओं को सकारात्मक सोच, निडरता और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

उन्होंने यह भी जोर दिया कि विवेकानंद के विचार सिर्फ आध्यात्मिक नहीं बल्कि व्यवहारिक भी थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति और ज्ञान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया और यह संदेश दिया कि राष्ट्र की उन्नति में हर नागरिक की भूमिका अहम होती है।

राष्ट्रपति ने अंत में कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं न केवल युवाओं बल्कि पूरे समाज को नैतिक मूल्यों, एकता और मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी। उनका जीवन और आदर्श आज भी हमें समर्पण, साहस और देशभक्ति की मिसाल देते हैं।

स्वामी विवेकानंद का संदेश हमेशा यह याद दिलाता है कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और समाज के लिए योगदान करने की क्षमता किसी भी राष्ट्र के विकास की नींव होती है। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर सभी युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को अपनाकर समाज और देश की सेवा में अपना योगदान दें।