आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पश्चिम बंगाल के अपने दो दिवसीय दौरे के तहत रविवार को पुन: यहां आएंगे और राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गहमागहमी के बीच, सिंगूर में बंद पड़े टाटा नैनो कार संयंत्र स्थल से जनसभा को संबोधित करेंगे।
असम में रातभर ठहरने के बाद इस राज्य में वापसी पर मोदी के कार्यक्रम के अनुसार, वह हुगली जिले के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे और कुछ परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।
इसके अलावा वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे जहां वह पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण को लेकर पार्टी के दृष्टिकोण को संभवत: और धार देंगे।
पर्यवेक्षकों का मानना है कि सिंगूर का चयन इसके प्रतीकात्मक महत्व के कारण किया गया है। करीब दो दशक पहले यहीं तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ भूमि अधिग्रहण विरोधी एक हिंसक आंदोलन हुआ था, जिसकी अगुवाई तब विपक्ष में रहीं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने की थी। इस आंदोलन के कारण रतन टाटा को नैनो परियोजना को बंद करना पड़ा और उसे गुजरात स्थानांतरित करना पड़ा था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्ता में आने पर ‘‘टाटा समूह को सिंगूर वापस लाने’’ का वादा किया है और कार परियोजना के स्थानांतरण को एक चूके हुए आर्थिक अवसर एवं तृणमूल शासन में औद्योगिक ठहराव के प्रतीक के रूप में पेश किया है।
पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि मोदी का सिंगूर संबोधन राज्य में बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा, खासकर इस धारणा को भुनाते हुए कि टाटा मोटर्स के जाने के बाद से राज्य उद्योग के लिहाज से पिछड़ा रहा है।
रविवार के दौरे पर प्रधानमंत्री बालागढ़ में ‘एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम’ का शिलान्यास भी करेंगे, जिसका उद्देश्य अंतर्देशीय जल परिवहन और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक नोट में कहा गया है, ‘‘बालागढ़ परियोजना का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले शहरी गलियारों से भारी माल ढुलाई को हटाकर माल निकासी की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करना है। इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, कोलकाता शहर में यातायात जाम की समस्या और प्रदूषण कम होगा तथा निवासियों के जीवन स्तर में सुधार होगा।’’