Parliamentary committee recommends drone survey to prevent encroachment on forest land
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
एक संसदीय समिति ने शुक्रवार को सिफारिश की कि पर्यावरण मंत्रालय सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वन क्षेत्रों की जमीनों का ड्रोन सर्वेक्षण करने के लिए प्रेरित करे, ताकि इन क्षेत्रों में होने वाले अतिक्रमण पर रोक लगाने में मदद मिल सके।
राज्यसभा में शुक्रवार को पेश की गई एक रिपोर्ट में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने यह भी कहा कि इस तरह के ड्रोन सर्वेक्षणों से संबंधित रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
समिति के अनुसार, इससे लोगों और अधिकारियों को किसी भी वाणिज्यिक गतिविधि, बिक्री या खरीद से पहले वन क्षेत्रों में भूमि की स्थिति को सत्यापित करने में मदद मिलेगी।
समिति ने कहा कि कुछ रिपोर्ट से पता चलता है कि 25 राज्यों में 13,000 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है।
उसने कहा कि वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के नियम 16(1) के तहत, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के लिए उस वन भूमि की सभी श्रेणियों के समेकित अभिलेख तैयार करने और बनाए रखना अनिवार्य है, जिस पर वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के प्रावधान लागू होते हैं।
समिति के अनुसार हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ऐसी जानकारी सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध है या आम जनता के लिए आसानी से सुलभ है।