Parliament's Budget Session: Rajya Sabha Chairman calls for a meaningful debate with decorum
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सदस्यों से आम बजट और अन्य महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान संसदीय शालीनता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया।
अपने आरंभिक संबोधन में सभापति राधाकृष्णन ने विश्व में भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर प्रकाश डाला, जो सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का बढ़ता प्रभाव राष्ट्र की आर्थिक दिशा तय करने में सांसदों के रूप में हमारी भूमिका को महत्वपूर्ण बनाता है।’’
उन्होंने कहा कि 30 बैठकों वाले इस सत्र में केंद्रीय बजट और विधायी प्रस्तावों पर जोर रहेगा और अवकाश के दौरान विभाग-संबंधित स्थायी संसदीय समितियां अनुदान मांगों पर गौर करेंगी।
राधाकृष्णन ने कहा, “मैं सदस्यों से सदन और समितियों में चर्चा के दौरान सार्थक योगदान देने का आह्वान करता हूँ।’’
उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वे लोगों की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए निर्धारित कार्य के प्रत्येक मिनट का सदुपयोग करें। उन्होंने संसदीय अनुशासन बनाए रखने के महत्व पर भी बल दिया।
सभापति ने कहा, “हमारा लोकतंत्र विचारों की विविधता और जीवंत चर्चा से फलता-फूलता है। विचारों का सम्मानपूर्वक आदान-प्रदान और रचनात्मक चर्चा संसदीय विमर्श का मानदंड होना चाहिए।