Options to respond to America, but 'compromised' Prime Minister will not do so: Congress
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने अमेरिका द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख भारतीय कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीईआरएम) से निलंबित किए जाने के बाद शुक्रवार को कहा कि भारत के पास जवाबी कदम उठाने के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ (समझौता कर चुके) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इनका इस्तेमाल नहीं करेंगे।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ‘‘धौंस जमाने वालों’’ को खुश करने के लिए समझौता करने से कोई फायदा नहीं होता।
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमेरिका सरकार की ओर से भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पेशेवरों को सीधे निशाना बनाए जाने की कार्रवाई से एक बार फिर साबित हो गया है कि धौंस जमाने वालों को खुश करने का कोई फायदा नहीं होता।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम मोदी सरकार द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए उठाए गए कदम के कुछ ही समय बाद आया है।