दिल्ली में फर्जी PwD सर्टिफिकेट रैकेट का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 09-10-2026
Fake PwD certificate racket busted in Delhi; nine arrested over university admissions scam
Fake PwD certificate racket busted in Delhi; nine arrested over university admissions scam

 

नई दिल्ली 
 
दिल्ली पुलिस के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ यूनिट ने एक बड़े अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह दिव्यांगजन (PwD) के नकली सर्टिफिकेट बनाकर दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रों के लिए फर्जी एडमिशन करवाता था। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए 27 नकली सर्टिफिकेट के मामले में कुल नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले अक्टूबर में, इसी तरह की एक घटना में, दिल्ली पुलिस ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए 'चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स' (CWSN) कैटेगरी के तहत नर्सरी एडमिशन के लिए कथित तौर पर नकली दिव्यांगता सर्टिफिकेट जमा करने के मामले में FIR दर्ज की थी।
 
FIR के अनुसार, 17 सितंबर, 2026 को दिल्ली पुलिस स्टेशन में कथित नकली दिव्यांगता सर्टिफिकेट के बारे में एक शिकायत मिली थी। शिकायत में एडमिशन के दस्तावेजों के साथ जमा किए गए दिव्यांगता सर्टिफिकेट और सिफारिश पत्रों की असलियत की जांच करने की मांग की गई थी। FIR में कहा गया है कि शुरुआती जांच के दौरान, दस्तावेजों के साथ लगे दिव्यांगता सर्टिफिकेट की जांच की गई और वे नकली पाए गए। कथित तौर पर इन सर्टिफिकेट में 41 प्रतिशत सुनने की अक्षमता (hearing impairment) दिखाई गई थी और इन्हें एक सरकारी अस्पताल द्वारा जारी किया गया बताया गया था। शुरुआती जांच के बाद, पुलिस ने 24 सितंबर, 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(2), 337, 340(2) और 61(2) के तहत FIR दर्ज की। FIR में कहा गया है कि कथित घटना की सही तारीख और समय का पता नहीं चल सका है।
 
पुलिस ने कथित नकली सर्टिफिकेट तैयार करने और जमा करने से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है।
इस बीच, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अनुसार, देश भर में दिव्यांगजनों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के उद्देश्य से 'यूनिक डिसेबिलिटी आईडी' (UDID) उप-योजना लागू की जा रही है। UDID प्रोजेक्ट के तहत, संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अधिसूचित सक्षम चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से दिव्यांगजनों को दिव्यांगता सर्टिफिकेट और यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिटी कार्ड जारी किए जाते हैं। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सरकारी लाभ पहुंचाने की व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देना है।