‘नोटा’ परोक्ष रूप से अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देता है: निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले भागवत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 15-01-2026
NOTA indirectly promotes unwanted candidates: Bhagwat after voting in civic polls
NOTA indirectly promotes unwanted candidates: Bhagwat after voting in civic polls

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार सुबह नागपुर महानगरपालिका (एनएमसी) चुनाव में अपना वोट डाला और कहा कि ‘नोटा’ का विकल्प चुनने से परोक्ष रूप से अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा मिलता है।
 
नागपुर महानगरपालिका चुनाव में भागवत शुरुआती मतदाताओं में शामिल रहे। वह सुबह करीब साढ़े सात बजे नागपुर के महल इलाके में स्थित एक मतदान केंद्र पर पहुंचे और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
 
बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि चुनाव लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसलिए मतदान करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
 
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी लोग चुनाव के दौरान एक योग्य उम्मीदवार को ही वोट दें।
 
आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘इसलिए, आज मैंने सबसे पहला काम यह किया कि वोट डाला।’’
 
चुनाव में मतदाताओं के लिए उपलब्ध ‘‘उपरोक्त में से कोई नहीं’’ (नोटा) विकल्प के संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘नोटा का मतलब है कि आप सभी को अस्वीकार करते हैं और ऐसा करके हम एक ऐसे व्यक्ति को बढ़ावा देते हैं जिसे कोई नहीं चाहता।’’
 
उन्होंने कहा कि ‘नोटा’ लोगों को अपनी असहमति व्यक्त करने का एक विकल्प देता है लेकिन किसी को भी वोट नहीं देने से बेहतर है कि किसी को वोट दिया जाए।
 
आरएसएस के पूर्व सर कार्यवाह और केंद्रीय समिति के सदस्य भैयाजी जोशी भी शुरुआती मतदाताओं में शामिल थे। उन्होंने चुनाव में मतदान के महत्व पर जोर दिया।