Lok Sabha: Session Adjourned Amid Uproar Over FCRA; Government Accuses Congress and Left Parties of Misleading
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सरकार ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य की जनता के बीच विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य ‘एफसीआरए वापस लो’ के नारे लगाने लगे।
विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में संशोधन के लिए सरकार द्वारा लोकसभा में गत 25 मार्च को पेश विधेयक आज की कार्यसूची में चर्चा के लिए सूचीबद्ध है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोर-शराबा कर रहे सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा कि इस समय सदस्यों को किसी मुद्दे पर बोलने का अवसर नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आप जिस एफसीआरए विधेयक की बात कर रहे हैं, जब वह आएगा, तब विरोध कर सकते हैं।’’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ‘‘केरल के सांसद शायद गलतफहमी में हंगामा कर रहे हैं। एफसीआरए संशोधन विधेयक पहले ही सदन में पेश हो चुका है इसलिए आज सूची में आया है। मैंने कांग्रेस के नेताओं को कल भी बताया, आज भी बताया कि आज एफसीआरए विधेयक जो सूचीबद्ध है उसे विचारार्थ नहीं लिया जा रहा।’’