केरल चुनाव: यूडीएफ की बढ़त बरकरार, वाम का आखिरी किला भी ध्वस्त

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-05-2026
Kerala elections: UDF maintains lead, Left's last bastion collapses
Kerala elections: UDF maintains lead, Left's last bastion collapses

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
केरल विधानसभा चुनावों में सोमवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने अपनी बड़ी बढ़त बना रखी है, जबकि कई सीटों पर मतगणना के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही रुझानों ने संकेत दिया कि विपक्षी गठबंधन 100 सीट के लक्ष्य के करीब पहुंच सकता है।
 
सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना के छह घंटे बाद आए कई दौर के रुझानों के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ 101 सीट पर आगे चल रहा था, जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) 40 से कम सीटों पर बढ़त बनाए हुए था।
 
टीवी की खबरों के अनुसार, भाजपा नीत राजग को मात्र दो सीटों पर बढ़त हासिल थी।
 
यदि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा केरल में हारता है, तो यह उसके लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका होगा, क्योंकि फिर देश में कोई भी ऐसा राज्य नहीं बचेगा जहां वह सत्ता में हो।
 
रुझानों के अनुसार, कम से कम एक दर्जन मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन शुरुआत में अपने पारंपरिक गढ़ धर्मदम में पीछे थे, लेकिन बाद के दौर में उन्होंने बढ़त हासिल कर ली और 15 में से 12 दौर की गणना के बाद 8,000 से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं।
 
कई अन्य मंत्री—वीणा जॉर्ज, एम बी राजेश, ओ आर केलू, आर बिंदु, जे चिंचुरानी, पी राजीव, के बी गणेश कुमार, वी एन वासवन, वी शिवनकुट्टी, वी अब्दुरहिमान, कडन्नापल्ली रामचंद्रन, ए के ससींद्रन और रोशी ऑगस्टीन शुरुआती दौर की मतगणना में पीछे थे।
सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना के छह घंटे बाद आए कई दौर के रुझानों के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ 101 सीट पर आगे चल रहा था, जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) 40 से कम सीटों पर बढ़त बनाए हुए था।
 
टीवी की खबरों के अनुसार, भाजपा नीत राजग को मात्र दो सीटों पर बढ़त हासिल थी।
 
यदि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा केरल में हारता है, तो यह उसके लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका होगा, क्योंकि फिर देश में कोई भी ऐसा राज्य नहीं बचेगा जहां वह सत्ता में हो।
 
रुझानों के अनुसार, कम से कम एक दर्जन मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन शुरुआत में अपने पारंपरिक गढ़ धर्मदम में पीछे थे, लेकिन बाद के दौर में उन्होंने बढ़त हासिल कर ली और 15 में से 12 दौर की गणना के बाद 8,000 से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं।
 
कई अन्य मंत्री—वीणा जॉर्ज, एम बी राजेश, ओ आर केलू, आर बिंदु, जे चिंचुरानी, पी राजीव, के बी गणेश कुमार, वी एन वासवन, वी शिवनकुट्टी, वी अब्दुरहिमान, कडन्नापल्ली रामचंद्रन, ए के ससींद्रन और रोशी ऑगस्टीन शुरुआती दौर की मतगणना में पीछे थे।