कोलकाता भगदड़ पर जमाअत इस्लामी हिंद ने जताया दुख, पारदर्शी जांच की मांग

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 19-10-2026
Jamaat-e-Islami Hind expresses grief over Kolkata stampede, demands a transparent inquiry
Jamaat-e-Islami Hind expresses grief over Kolkata stampede, demands a transparent inquiry

 

नई दिल्ली।

जमाअत इस्लामी हिंद ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संगठन ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। जमाअत ने घटना की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच कराने, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

जमाअत इस्लामी हिंद के नायब अमीर प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने 18 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि कोलकाता में भगदड़ के कारण हुई जनहानि से संगठन को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों में निर्दोष लोगों की जान जाना बेहद चिंताजनक है। इस हादसे के कारणों और परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके।

उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग

प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने कहा कि प्रशासन को हादसे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच करानी चाहिए। जांच केवल सरकारी रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसके निष्कर्षों के आधार पर ठोस सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक आयोजनों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए और यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

जमाअत के नायब अमीर ने कहा कि यह हादसा सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षित योजना और बेहतर भीड़ प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि क्षमता से अधिक भीड़, खराब मौसम, अफरातफरी और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था किसी आयोजन को बड़े हादसे में बदल सकती है। ऐसे आयोजनों में पुलिस, प्रशासन और आयोजकों के बीच प्रभावी समन्वय होना चाहिए।

प्रोफेसर सलीम इंजीनियर के अनुसार, आयोजकों और अधिकारियों को संभावित खतरों का पहले से आकलन करना चाहिए। लोगों के आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्ते बनाए जाने चाहिए, भीड़ की आवाजाही नियंत्रित की जानी चाहिए और जरूरत के अनुसार पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए। आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी पहले से तैयार रहनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में आम लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग

प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने हादसे से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा दी जानी चाहिए और मृतकों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए।

जमाअत इस्लामी हिंद ने पश्चिम बंगाल सरकार और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा त्योहारों के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है।

संगठन ने कहा कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए समय रहते योजना बनाना, प्रशासनिक जवाबदेही तय करना और मानव जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है।