Government will tackle global challenges with the help of Economic Stabilization Fund: Sitharaman
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण कोष (इकोनॉमिक स्टेबिलाइज़ेशन फंड) भारत को वैश्विक मुश्किलों का सामना करने के लिए वित्तीय मजबूती प्रदान करेगा।
लोकसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह कोष पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट जैसी आकस्मिक वैश्विक चुनौतियों से लगने वाले झटकों को झेलने के लिए एक ‘बफर’ के तौर पर काम करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण कोष भारत को वैश्विक मुश्किलों का सामना करने के लिए वित्तीय सुदृढ़ता देगा।’’
अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच के ज़रिए, सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में 2.81 लाख करोड़ रुपये के सकल अतिरिक्त व्यय के लिए लोकसभा से मंजूरी मांगी है।
चालू वित्त वर्ष के लिए बजट में 80,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्राप्तियों के साथ, कुल अतिरिक्त नकदी व्यय 2.01 लाख करोड़ रुपये होगा।
सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा संशोधित अनुमानों (आरई) के भीतर होगा।
सीतारमण ने कहा कि किसानों के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं होगी और अनुदान की अनुपूरक मांगों में इसका पूरा ध्यान रखा गया है।