नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष का सुझाव, यूपीआई पर कुछ और साल शुल्क नहीं लेना चाहिए

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 21-09-2026
Former NITI Aayog Vice Chairman suggests that UPI should not charge any fees for a few more years.
Former NITI Aayog Vice Chairman suggests that UPI should not charge any fees for a few more years.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सोमवार को सरकार को सुझाव दिया कि उसे कम से कम कुछ और वर्षों तक यूपीआई लेनदेन पर शून्य शुल्क की व्यवस्था जारी रखनी चाहिए और उसके बाद इसकी समीक्षा करनी चाहिए।

कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा कि वह किसी भी मूल्य के यूपीआई लेनदेन के लिए कारोबारियों से शुल्क लेने के पक्ष में नहीं हैं।
 
उन्होंने कहा कि सरकार को यूपीआई को व्यापक सकारात्मक प्रभाव वाला सार्वजनिक उपक्रम मानना चाहिए।
 
कुमार ने कहा, ‘‘इसके कुल लाभ सार्वजनिक कोष पर यूपीआई बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए पड़ने वाली 20,000 करोड़ रुपये की लागत से कहीं अधिक हैं।’’
 
कुमार ने कहा, ‘‘इसलिए, कम से कम कुछ और वर्षों तक यूपीआई लेनदेन पर शून्य शुल्क जारी रखना चाहिए, जब तक कि मुद्रा से जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में कुछ गिरावट का रुख दिखाई न दे। उसके बाद स्थिति की समीक्षा की जा सकती है।’’