जम्मू
शिव कुमार शर्मा ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित शिव खोड़ी-रंसू क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। यह दौरा क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और आगामी धार्मिक यात्राओं को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, डीआईजी शर्मा ने मौके पर पहुंचकर रंसू, शिव खोड़ी और पौनी बेल्ट के तेरियाथ इलाके में सुरक्षा तैयारियों का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा आधुनिक तकनीक का उपयोग कर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई जाए।
यह वही क्षेत्र है जहां 9 जून 2024 को एक गंभीर आतंकी घटना हुई थी। उस समय आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों से भरी एक बस पर हमला किया था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी और 33 लोग घायल हुए थे। हमले के बाद बस अनियंत्रित होकर पौनी क्षेत्र के तेरियाथ गांव के पास गहरी खाई में गिर गई थी, जिससे घटना और भी भयावह हो गई थी।
डीआईजी ने इस संवेदनशील पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस, विशेष अभियान समूह (SOG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तैनाती और उनकी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिव खोड़ी यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन पर भी जोर दिया। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर साल लाखों श्रद्धालु बिना किसी बाधा और खतरे के इस पवित्र स्थल तक पहुंच सकें।
शिव खोड़ी गुफा मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध प्राकृतिक गुफा मंदिर है, जो रियासी जिले में स्थित है। लगभग 200 मीटर लंबी इस गुफा के भीतर प्राकृतिक रूप से निर्मित शिवलिंग स्थित है, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था का केंद्र है।
हर वर्ष, विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर, यहां लगभग 15 से 20 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
डीआईजी शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, निगरानी कैमरों की व्यवस्था को बेहतर किया जाए और स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी को मजबूत किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से न केवल श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। इस समीक्षा दौरे को आगामी यात्रा सीजन से पहले एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।