भारत के इरादों को गलत समझने से बचाने के लिए संवाद जरूरी: जयशंकर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
Dialogue is essential to avoid misunderstanding India's intentions: Jaishankar
Dialogue is essential to avoid misunderstanding India's intentions: Jaishankar

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत के इरादों को गलत तरीके से समझने की स्थिति से बचने के लिए अन्य देशों के साथ प्रभावी संवाद बेहद महत्वपूर्ण है।
 
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में छात्रों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में भाग लेते हुए जयशंकर ने कहा, “लोगों को आपको गलत समझने से रोकने का तरीका संवाद है। यदि आप अच्छी तरह, स्पष्ट और ईमानदारी से संवाद करते हैं तो अन्य देश और लोग उसका सम्मान करते हैं और उसे स्वीकार करते हैं।”
 
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वभर में बहुत से लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और विरासत पर गर्व करते हैं। मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि हम ऐसा क्यों न करें।’’
 
जयशंकर ने कहा, “बहुत कम प्राचीन सभ्यताएं हैं जो आज प्रमुख आधुनिक राष्ट्र-राज्यों के रूप में अस्तित्व में हैं और भारत उनमें से एक है। हमारे पास अपने अतीत की ऐसी समझ है जो बहुत कम देशों के पास है... यह लोकतांत्रिक राजनीतिक मॉडल को अपनाने का हमारा निर्णय ही था, जिसने लोकतंत्र के विचार को एक सार्वभौमिक राजनीतिक अवधारणा बना दिया।”
 
उन्होंने कहा, “यदि हमने यह रास्ता नहीं चुना होता तो लोकतांत्रिक आदर्श क्षेत्रीय और संकीर्ण ही रह जाता।... पश्चिम के साथ साझेदारी भी महत्वपूर्ण है और इसी तरह हम दुनिया को आकार देते हैं।”
 
जयशंकर ने कहा कि देशों ने घरेलू स्तर पर विकास करने और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ाव के माध्यम से प्रगति की है तथा अंतरराष्ट्रीय परिवेश का इस तरह उपयोग किया है जिससे उन्हें लाभ भी मिला और उनका योगदान भी रहा।