नई दिल्ली
दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल परिसर को अब ‘ग्लोबल हेरिटेज सेंटर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) और दिल्ली नगर निगम (MCD) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में हुआ।
परियोजना के तहत टाउन हॉल के साथ प्रेस बिल्डिंग और उससे सटे पार्क का भी संरक्षण और पुनर्विकास किया जाएगा। प्रस्तावित ग्लोबल हेरिटेज सेंटर में संग्रहालय, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक और उपयोगी बनाना है।
ग्रेड-1 विरासत परिसर के रूप में दर्ज टाउन हॉल का निर्माण 1860 से 1866 के बीच हुआ था। यह परिसर करीब 12,180 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है। लंबे समय तक यहां नगर निगम का मुख्यालय रहा। वर्ष 2010 में एमसीडी मुख्यालय के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में स्थानांतरित होने के बाद परिसर का बड़ा हिस्सा काफी हद तक खाली पड़ा रहा।
परियोजना के तहत ऐतिहासिक इमारत का ‘एडैप्टिव रीयूज’ किया जाएगा। यानी भवन के मूल वास्तु और विरासत स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसका इस्तेमाल नए सांस्कृतिक और पर्यटन उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। परिसर का स्वामित्व एमसीडी के पास ही रहेगा।
MoU के तहत DTTDC को परिसर का सर्वे करने, भवन का संरचनात्मक आकलन कराने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद परियोजना को सार्वजनिक निवेश या पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए विकसित करने पर निर्णय लिया जा सकता है। परियोजना की प्रगति की निगरानी के लिए DTTDC और MCD के अधिकारियों का एक संयुक्त कार्य समूह भी बनाया जाएगा।
MoU की प्रारंभिक अवधि 30 वर्ष रखी गई है। आपसी सहमति से इसे अगले 30 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। टाउन हॉल से जुड़े ऐतिहासिक रिकॉर्ड, अभिलेखीय सामग्री और कलाकृतियां एमसीडी के पास ही रहेंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि टाउन हॉल केवल एक पुरानी इमारत नहीं, बल्कि दिल्ली के इतिहास और स्थापत्य विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके मुताबिक, इसके संरक्षण के साथ इसे आधुनिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि परियोजना से चांदनी चौक में हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के निकट स्थित यह परिसर देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए दिल्ली के इतिहास, संस्कृति और विरासत को समझने का एक प्रमुख केंद्र बनने की योजना है।