CBI coordinates return of wanted fugitive Kamlesh Parekh from UAE in alleged bank fraud case
नई दिल्ली
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के साथ मिलकर, 'रेड नोटिस' के तहत वांछित कमलेश पारेख का संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत में प्रत्यर्पण सफलतापूर्वक सुनिश्चित कर लिया है। CBI के अनुसार, पारेख एक ऐसे मामले में वांछित है जिसमें बड़े पैमाने पर बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी शामिल है, जिसके कारण भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, "आरोपी ने अन्य प्रमोटरों और निदेशकों के साथ मिलकर साजिश रची और विदेशों में मौजूद संस्थाओं तथा व्यावसायिक गतिविधियों (जिनमें UAE भी शामिल है) के एक नेटवर्क के ज़रिए बैंक के फंड को दूसरी जगह भेजने में मदद की। इस दौरान वह कंपनी और उससे जुड़ी विदेशी संस्थाओं के निर्यात से जुड़े कामकाज और वित्तीय लेन-देन को सक्रिय रूप से संभाल रहा था, और इसके लिए उसने वित्तीय लेन-देन में हेरफेर तथा बैंकिंग चैनलों के दुरुपयोग जैसी धोखाधड़ी वाली तरकीबें अपनाईं।" इंटरपोल के 'रेड नोटिस' के आधार पर, आरोपी का पता UAE में चला था।
बयान में आगे कहा गया है, "भारत के अनुरोध पर, UAE के अधिकारियों ने उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। उचित कानूनी प्रक्रियाओं और भारत तथा UAE के अधिकारियों के बीच घनिष्ठ समन्वय के बाद, उस व्यक्ति को भारतीय अधिकारियों को सौंपने का निर्णय लिया गया।" पारेख 1 मई को दिल्ली पहुंचा, जहां CBI की 'बैंक सिक्योरिटीज़ एंड फ्रॉड ब्रांच' (BSFB), कोलकाता ने उसे हिरासत में ले लिया।