Bowed head, compromised self-respect: Pak PM on humiliation in getting foreign loan
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ‘‘मित्र देशों’’ से वित्तीय सहायता मांगने में अपमानजनक स्थिति का जिक्र करते हुए इस बात को खुलकर स्वीकारा कि विदेशी ऋण लेने की मजबूरी में पाकिस्तान को अपना सिर झुकाना पड़ा है और ‘‘आत्मसम्मान की कीमत पर’’ समझौता करना पड़ा।
इस्लामाबाद में शुक्रवार को देश के प्रख्यात व्यापारियों और निर्यातकों के सम्मान में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए शरीफ ने उस कठिन दौर को याद किया जब पाकिस्तान को दिवालियापन के डर का सामना करना पड़ा था और कुछ लोग इसे (पाकिस्तान को) तकनीकी रूप से विफल होने के कगार पर बता रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने पदभार संभाला, तब आर्थिक स्थिति बेहद नाजुक थी और आम आदमी को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।’’
प्रधानमंत्री ने 2023 में पेरिस में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रबंध निदेशक के साथ अपनी मुलाकात का जिक्र किया जिसके बाद वैश्विक ऋणदाता ने एक आर्थिक कार्यक्रम को मंजूरी दी जिससे देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद मिली।