असम की पहली रेडियो जॉकी फौज़िया रहमान का निधन, उम्र 84 वर्ष

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 17-01-2026
Assam's first radio jockey, Fauzia Rahman, has passed away at the age of 84.
Assam's first radio jockey, Fauzia Rahman, has passed away at the age of 84.

 

गुवाहाटी |

असम की पहली रेडियो जॉकी (RJ) और पूर्व ऑल इंडिया रेडियो (AIR), डिब्रूगढ़ की वरिष्ठ कलाकार एवं प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव फौज़िया रहमान (एफ़ी) का शुक्रवार को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें हाल ही में गुवाहाटी के एक अस्पताल में मस्तिष्काघात (ब्रेन स्ट्रोक) के बाद भर्ती कराया गया था।

फौज़िया रहमान 1970 से 1990 के दशक तक ऑल इंडिया रेडियो, डिब्रूगढ़ पर पश्चिमी संगीत कार्यक्रमों की सबसे लोकप्रिय एंकरों में से एक थीं। उन्हें राज्य की पहली रेडियो जॉकी के रूप में जाना जाता था। उनके अद्वितीय स्वर और आकर्षक प्रस्तुति ने उन्हें सभी वर्गों के श्रोताओं के बीच बेहद प्रिय बना दिया था।

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पाइन माउंट स्कूल, शिलॉन्ग से पूरी की और बाद में सिनियर कैम्ब्रिज की पढ़ाई सेंट मैरी स्कूल, शिलॉन्ग से की। अपने करियर में उन्होंने संगीत प्रेमियों और कलाकारों के बीच विशेष पहचान बनाई। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से “एफ़ी” के नाम से बुलाते थे।

फौज़िया रहमान के निधन से पूरे संगीत और रेडियो जगत में शोक की लहर फैल गई है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने केवल एक रेडियो एंकर के रूप में ही नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई।

वह डॉ. अल्फ्रेड रहमान की पत्नी थीं, जो डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज के पूर्व उप-प्रधानाचार्य रह चुके हैं। उनकी छोटी बेटी फारियाल रहमान और बहू ज़ीनत आज भी उनके जीवन में हैं। उनकी पहली संतान आर्फिन रहमान का 2020 में निधन हो चुका है।

फौज़िया रहमान का जीवन और कार्य न केवल असम में रेडियो इतिहास का हिस्सा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों और संगीत ने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम किया।

उनके निधन के बाद संगीत और रेडियो प्रेमियों के बीच अपूरणीय क्षति महसूस की जा रही है। फौज़िया रहमान को उनके सशक्त व्यक्तित्व, मधुर आवाज और पेशेवर निष्ठा के लिए हमेशा याद किया जाएगा।इस तरह, असम की पहली रेडियो जॉकी और संगीत की एक जानी-मानी हस्ती का निधन न केवल रेडियो जगत, बल्कि पूरे सांस्कृतिक समाज के लिए दुखद खबर है।